अम्बेडकर नगर: योगी सरकार के जीरो टॉलरेंस की कसौटी पर एमएलसी हरिओम पांडे, जमीन हड़पने और संदिग्ध मौत के आरोपों से घिरा परिवार
एमएलसी हरिओम पांडे और उनके परिवार पर जमीन हड़पने, साजिश और संदिग्ध मृत्यु के गंभीर आरोप लगे हैं। आलापुर तहसील क्षेत्र में गर्ल्स डिग्री कॉलेज पर अवैध कब्जे को लेकर पीड़िता ने उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की है।
अम्बेडकर नगर, अचल वार्ता। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के बीच विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) हरिओम पांडे एक बार फिर गंभीर आरोपों के घेरे में आ गए हैं। अयोध्या जनपद के गद्दोपुर में जमीन कब्जाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब अम्बेडकर नगर जनपद के आलापुर तहसील क्षेत्र से एक नया और चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
निर्माणाधीन गर्ल्स डिग्री कॉलेज पर कब्जे का आरोप...
आरिबपुर गांव निवासी पीड़िता नंदिका देवी ने आरोप लगाया है कि एमएलसी हरिओम पांडे की पत्नी और ग्रामर्षि एकेडमी इंटरनेशनल की प्रबंधक अंजू पांडे ने साजिश के तहत रामनारायण गर्ल्स डिग्री कॉलेज की जमीन और भवन पर अवैध कब्जा कर लिया है। पीड़िता के अनुसार यह भूमि उनके पति स्वर्गीय हीरालाल शर्मा द्वारा आकांक्षा स्मृति विद्यालय शिक्षा समिति को दान की गई थी, जहां वर्ष 2013 से कॉलेज का निर्माण कार्य चल रहा था।
पीड़िता ने बताया कि कॉलेज निर्माण के लिए विधायक निधि से धन भी स्वीकृत हुआ था, लेकिन इसी दौरान दबाव बनाकर 30 अप्रैल 2019 को तीन वर्षों का एग्रीमेंट कराया गया और उसी आधार पर कॉलेज परिसर पर कब्जा कर लिया गया।
एग्रीमेंट खत्म, फिर भी कब्जा बरकरार...
नंदिका देवी का कहना है कि उक्त एग्रीमेंट की अवधि 30 अप्रैल 2022 को समाप्त हो चुकी है, बावजूद इसके कॉलेज परिसर खाली नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि कानून के अनुसार किसी शैक्षणिक संस्था की भूमि या भवन का व्यक्तिगत रूप से क्रय-विक्रय या कब्जा नहीं किया जा सकता, फिर भी प्रभाव और दबाव के बल पर कब्जा बरकरार रखा गया है।
संदिग्ध परिस्थितियों में हुई पति की मौत..
पीड़िता ने अपने आरोपों में यह भी बताया कि उनके पति हीरालाल शर्मा की 24 दिसंबर 2022 को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इससे पहले आशा देवी नामक महिला द्वारा उन्हें प्रेम जाल में फंसाकर फर्जी दस्तावेज तैयार कराए गए, बैंक खातों से धनराशि निकलवाई गई और संपत्ति पर अवैध कब्जा किया गया।
नंदिका देवी का आरोप है कि आशा देवी, अंजू पांडे और एमएलसी हरिओम पांडे के बीच करीबी संबंध हैं और तीनों ने मिलकर सुनियोजित तरीके से संपत्ति और शैक्षणिक संस्था को हड़पने की साजिश रची।
पहले भी हो चुके हैं कार्रवाई के निर्देश...
पीड़िता ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कॉलेज को कब्जा-मुक्त कराने और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। इस संबंध में पहले भी जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया। अब एक बार फिर पीड़िता ने जिलाधिकारी अम्बेडकर नगर से निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
आईपीसी की धाराओं में दर्ज है मुकदमा...
बताया जा रहा है कि इस प्रकरण में आशा देवी और हीरालाल शर्मा के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 419 और 420 के तहत मुकदमा दर्ज है और दोनों इस मामले में जेल भी जा चुके हैं।
जीरो टॉलरेंस नीति पर उठे सवाल...
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार जहां अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करती है, वहीं सत्ता और प्रभाव से जुड़े लोगों पर लग रहे ऐसे गंभीर आरोप सरकार की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। कार्रवाई में देरी से आम जनता के भरोसे को ठेस पहुंच रही है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में कितनी निष्पक्षता और सख्ती से जांच करता है और पीड़िता को कब तक न्याय मिल पाता है।
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