अयोध्या: डीआईओएस ने मारा छापा एक कोचिंग सेंटर समेत पांच कालेजों को नोटिस, तत्काल बंद करने के निर्देश

अचल वार्ता, अयोध्या । अवैध कोचिंग और अमान्य विद्यालयों को लेकर अब जिला विद्यालय निरीक्षक डाॅ पवन कुमार तिवारी खुद मैदान में उतर गए हैं। निरीक्षण के दौरान अवैध कोचिंग और कालेज देख वह खुद हतप्रभ रह गए। गत दिनों अभियान के बाद भी संचालित अमान्य कालेजों को लेकर उन्होंने एक कोचिंग सेंटर और पांच कालेजों को नोटिस जारी करते हुए तत्काल बंद करने के निर्देश दिए हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा पाया गया कि सिग्मा कोचिंग क्लासेज एवं सिग्मा लाईब्रेरी नाका प्रयागराज हाइवे में अवैध रूप से संचालित थी। जिसे संचालक श्यामू गुप्ता पुत्र श्री देवी दयाल नारायणपुर को तत्काल बन्द करने के निर्देश दिए गये। इसके अलावा गायत्री सर्वोदय विद्यालय खनुवावां कछौली, पूरा में प्राथमिक स्तर की मान्यता प्राप्त है किन्तु कक्षा 12 तक अवैध कक्षाएं संचालित होती पायी गयी। जनता उ०मा० विद्यालय गयासपुर बेसिक शिक्षा विभाग से एडेड संस्था है इस विद्यालय में मानव सम्पदा से शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारी अवकाश नहीं लेते है। प्रधानाचार्य शेषमणि सिंह द्वारा अवगत कराया गया कि विद्यालय में मानव सम्पदा हेतु निर्गत आदेश की जानकारी नहीं है और न ही प्रभावी है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा गया। विद्यालय में मानक के अनुरूप शिक्षण कक्ष नहीं मिले। जिसके सम्बन्ध में नोटिस निर्गत करते हुए मान्यता प्रत्याहरण की कार्यवाही की जायेगी। प्रधानाचार्य द्वारा कोई भी अभिलेख नहीं प्रस्तुत किया जा सका। इस संस्था में भी अवैध / अमान्य कक्षाए 11 एवं 12 की संचालित की जा रही है। प्रबन्धक से स्पष्टीकरण तलब किया गया है।समर पब्लिक स्कूल नागपाली तारून में सीबीएससी बोर्ड से मान्यता प्राप्त नहीं है फिर भी सीबीएससी बोर्ड की पुस्तकों से अध्ययन कार्य कराया जा रहा था। संस्था प्रबन्धक को नोटिस दी गई।शिवनायक एजूकेशनल इंस्टीयूट्स सजहरा भवानीपुर अयोध्या अवैध रूप से कक्षा 01 से 12 तक संचालित मिलीं। शिवाजी जूनियर हाई स्कूल रामपुर भगन अयोध्या में अवैध रूप से कक्षा 9 से 12 तक की कक्षाए संचालित पाई गईं। इसे बंद करने के निर्देश दिए गए।
"जनपद में अमान्य एवं अवैध रूप से संचालित विद्यालयों को अपने विद्यालय में अटैच (सम्बद्ध) किए हुए मान्यता प्राप्त विद्यालयों को चिन्हित करते हुए कार्यवाही की जायेगी। यदि अवैध आमान्य कक्षाए संचालित पायी जाती है तो कार्रवाई की जाएगी।" - डॉ पवन कुमार तिवारी, डीआईओएस
What's Your Reaction?






