अयोध्या : बार एसोसिएशन की आपात बैठकः SDM न्यायिक और पेशकार के खिलाफ अधिवक्ताओं ने खोला मोर्चा, प्राइवेट मुंशियों को हटाने की मांग।

मिल्कीपुर/अयोध्या I मिल्कीपुर तहसील में एसडीएम न्यायिक प्रवीण कुमार और उनके पेशकार स्वमैलिक पाण्डेय की कार्यशैली को लेकर अधिवक्ताओं का गुस्सा भड़क उठा है। मंगलवार को पेशकार और अधिवक्ताओं के बीच हुई तीखी बहस ने इस विवाद को और हवा दी। आज अधिवक्ता भवन में बार एसोसिएशन ने एक आपात बैठक बुलाई। इसमें पेशकार को तत्काल हटाने और तहसील में कार्यरत प्राइवेट मुंशियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई गई। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश पाण्डेय ने बताया कि पेशकार का रवैया अधिवक्ताओं के लिए असहनीय हो गया है, जिसके चलते यह विवाद बढ़ा। इस घटना के बाद अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर विरोध का रास्ता चुना और आपात बैठक बुलाने का फैसला किया अधिवक्ता भवन में आयोजित आपात बैठक में अधिवक्ताओं ने अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। बार एसोसिएशन के पूर्व उपाध्यक्ष अमित कुमार मिश्रा ने एसडीएम प्रवीण कुमार और पेशकार स्वमैलिक पाण्डेय के खिलाफ एक शिकायती पत्र प्रस्तुत किया। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि पेशकार स्वमैलिक पाण्डेय को तहसील से तुरंत हटाया जाए। रमेश पाण्डेय ने स्पष्ट किया, पेशकार का अधिवक्ताओं के प्रति व्यवहार बेहद आपत्तिजनक है। इसलिए कोई भी अधिवक्ता अब उनके साथ कार्य नहीं करेगा।
पेशकार के साथ-साथ अधिवक्ताओं ने तहसील में कार्यरत प्राइवेट मुंशियों के खिलाफ भी मोर्चा खोल दिया। उनका आरोप है कि ये मुंशी फाइलों से महत्वपूर्ण कागजात गायब कर देते हैं, जिससे अधिवक्ताओं और पक्षकारों को भारी परेशानी होती है। इसके बावजूद, इनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। अधिवक्ताओं ने मांग की कि प्राइवेट मुंशियों को तहसील से पूरी तरह हटाया जाए और ऐसी अनियमितताओं पर सख्ती से रोक लगाई जाए। आपात बैठक में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश पाण्डेय के नेतृत्व में कई वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल रहे। इनमें हरिमोहन शंकर श्रीवास्तव, अशोक श्रीवास्तव, छोटेलाल रावत समेत अन्य प्रमुख अधिवक्ताओं ने हिस्सा लिया। सभी ने एक स्वर में पेशकार और प्राइवेट मुंशियों की कार्यशैली की निंदा की और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। एसडीएम सुधीर कुमार ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "अधिवक्ताओं की शिकायत प्राप्त हो चुकी है। इसकी गहन जांच की जाएगी और जांच के निष्कर्षों के आधार पर उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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