77वां गणतंत्र दिवस: कर्तव्य पथ पर दिखी भारत की सैन्य शक्ति और संस्कृति, यूरोपीय मेहमान रहे शामिल

भारत ने 77वां गणतंत्र दिवस पूरे शान से मनाया। कर्तव्य पथ पर भव्य परेड, यूरोपीय मेहमान, नारी शक्ति, हिम योद्धा और वायुसेना का शानदार फ्लाईपास्ट।

Jan 26, 2026 - 22:36
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77वां गणतंत्र दिवस: कर्तव्य पथ पर दिखी भारत की सैन्य शक्ति और संस्कृति, यूरोपीय मेहमान रहे शामिल

नई दिल्ली, अचल वार्ता।

भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे आन-बान और शान के साथ मना रहा है। राजधानी दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य समारोह में देश की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और बढ़ते वैश्विक प्रभाव का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।

इस ऐतिहासिक समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ यूरोप से आए विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी ने आयोजन को और भी खास बना दिया। इस वर्ष यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। पूरे कर्तव्य पथ पर ‘वंदे मातरम’ की गूंज और देशभक्ति का उत्साह छाया रहा।

वंदे मातरम और आत्मनिर्भर भारत थीम बनी आकर्षण का केंद्र

इस बार की गणतंत्र दिवस परेड ‘स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम’ और ‘समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत’ की थीम पर आधारित रही। कर्तव्य पथ को बंकिम चंद्र चटर्जी की स्मृतियों से जोड़ते हुए फूलों और ऐतिहासिक चित्रों के माध्यम से सजाया गया, जिसने दर्शकों को भावुक कर दिया।

हिम योद्धा और स्वदेशी डॉग स्क्वायड ने खींचा सबका ध्यान

परेड में इस वर्ष कई पहली बार दिखने वाले अनोखे दस्ते शामिल हुए।

लद्दाख की कड़कड़ाती ठंड में तैनात रहने वाले बैक्ट्रियन ऊंट, ज़ांस्कर टट्टू और शिकार में माहिर काले चील  हिम योद्धा के रूप में पेश किया गया।

इसके साथ ही स्वदेशी डॉग स्क्वायड आकर्षण का केंद्र रहा। भारतीय नस्ल के मुधोल हाउंड और रामपुर हाउंड कुत्ते बुलेट-प्रूफ जैकेट, जीपीएस और कैमरों से लैस होकर परेड में शामिल हुए, जिसने आत्मनिर्भर भारत की ताकत को दर्शाया।

नारी शक्ति का शानदार प्रदर्शन, राजस्थान का बढ़ा मान

इस बार परेड में नारी शक्ति का प्रभाव साफ नजर आया। तटरक्षक बल से लेकर सीआरपीएफ तक महिला अधिकारियों ने मार्चिंग दस्तों का नेतृत्व किया।

विशेष रूप से राजस्थान की राजधानी जयपुर की सुश्री चारू सिंह ने 200 स्वयंसेवकों वाले ‘माय भारत राष्ट्रीय सेवा योजना’ दल का नेतृत्व कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया।

आसमान में सिंदूर फॉर्मेशन ने बढ़ाया रोमांच

भारतीय वायुसेना के 29 लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों और ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ने आकाश में अद्भुत फ्लाईपास्ट किया।

फ्लाईपास्ट के दौरान बना सिंदूर फॉर्मेशन दर्शकों के लिए खास आकर्षण रहा। इसके अलावा एमआई-17 हेलीकॉप्टरों ने कर्तव्य पथ पर फूलों की वर्षा कर माहौल को भावुक और भव्य बना दिया।

30 झांकियों में दिखी भारत की विविधता और आत्मनिर्भरता

परेड में कुल 30 झांकियां निकाली गईं, जिनमें 17 राज्यों और 13 केंद्रीय मंत्रालयों की झलक देखने को मिली। झांकियों में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष और विभिन्न क्षेत्रों में भारत की आत्मनिर्भरता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया।

नेशनल वॉर मेमोरियल से हुई शुरुआत, सुरक्षा रही चाक-चौबंद

समारोह की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई।

सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली को अभेद्य किले में तब्दील किया गया। जमीन से लेकर आसमान तक कड़ी निगरानी रही, वहीं यमुना नदी में बोट पेट्रोलिंग के जरिए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई।

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