श्रीराम मेरे आदर्श, उनके आदर्शों से होगा श्रेष्ठ समाज का निर्माण : सौरभ मिश्रा ‘नीरज’
पठकाना रामलीला मैदान में राजतिलक का भव्य मंचन, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष ने उतारी प्रभु श्रीराम की आरती
लक्ष्मीकान्त पाठक। अचलवार्ता
हरदोई। “श्रीराम मेरे आदर्श हैं। भरत का त्याग और प्रभु श्रीराम की मर्यादा को जीवन में आत्मसात कर ही अच्छे समाज का निर्माण किया जा सकता है।” यह उद्गार भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा ‘नीरज’ ने पठकाना रामलीला मैदान में आयोजित राजतिलक समारोह में व्यक्त किए। चौदह वर्ष का वनवास पूर्ण कर प्रभु श्रीराम के अयोध्या लौटने और राज्याभिषेक का प्रसंग श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मंचित किया गया। मुख्य अतिथि सौरभ मिश्रा ‘नीरज’ ने प्रभु श्रीराम की आरती उतारकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
श्रीराम के आदर्शों में श्रेष्ठ समाज का सूत्र
समारोह को संबोधित करते हुए सौरभ मिश्रा ‘नीरज’ ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन मर्यादा, त्याग, कर्तव्यनिष्ठा और लोककल्याण की अनुपम प्रेरणा है। उनके आदर्शों को आत्मसात कर समाज में नैतिकता, संस्कार और सद्भाव को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने भरत के त्याग का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में अधिकारों से अधिक महत्व कर्तव्य और समर्पण का रहा है। श्रीराम और भरत का जीवन हमें स्वार्थ से ऊपर उठकर परिवार, समाज और जनकल्याण के लिए कार्य करने की प्रेरणा देता है।उन्होंने कहा कि सत्ता का वास्तविक उद्देश्य जनसेवा और लोककल्याण होना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और मर्यादा के साथ करे, तो एक बेहतर समाज की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।
राजतिलक के मंचन से भक्तिमय हुआ वातावरण
पठकाना रामलीला मैदान में प्रभु श्रीराम की अयोध्या वापसी और राज्याभिषेक का दृश्य साकार होते ही जय श्रीराम के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा। श्रद्धालु भक्तिभाव में सराबोर होकर राजतिलक के साक्षी बने। धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़े इस आयोजन ने उपस्थित लोगों को श्रीराम के आदर्शों का स्मरण कराया।कार्यक्रम मेला अध्यक्ष संजय मिश्रा ‘बबलू’, मेला व्यवस्थापक ऋषि कुमार मिश्रा तथा रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों के संयोजन में संपन्न हुआ। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक आयोजन में सहभागिता की।
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