साधु के भेष में छुपा 'सुपर फ्रॉड बाबा की 22 बीघा जमीन गटक गया चेला, अब चलेगा कानून का डंडा!
न्यायालय का आदेश थाना हसवार अध्यक्ष गंभीरता से लेंगे या फिर न्यायालय के आदेश को रखेंगे तख पर
अंबेडकरनगर कहते हैं कि 'मोह-माया सब त्याग कर' लोग साधु-संत बनते हैं, लेकिन अंबेडकरनगर के हंसवर क्षेत्र में एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ साधु का चोला पहनकर जमीन हड़पने का गजब का 'मायाजाल' बुना गया। मामला केवटला आश्रम मठ का है। आरोप है कि हरिशंकर दास नामक एक महाशय ने 'साधु' का भेष धरण स्वर्गीय बाबा रामनिहाल दास के फर्जी कागजात तैयार कराए और राजस्व कर्मियों से सांठ-गांठ करके मठ की करीब 22 बीघा जमीन अपने नाम दर्ज करवा ली। और विपक्षी हरिशंकर दास ने मठ की जमीन फर्जी तरीके से बिना प्रतिफल के सन् 2003 में जोखू यादव पुत्र रामलाल निवासी ग्राम डड़वा, थाना हंसवर, जनपद अम्बेडकरनगर को सन् 2007 में रमपत्ति देवी पत्नी मुंशीलाल यादव निवासी ग्राम काजीपुर, थाना हंसवर, व रमावती पत्नी उदय बहादुर निवासी ग्राम-केवटला, थाना हंसवर व सन् 2010 में रामप्रताप पुत्र हंसई निवासी ग्राम सैदपुर लेडुआडीह, थाना हंसवर के हाथों 7-8 बीघा जमीन विक्रय इतना ही नहीं, जमीन के साथ-साथ मठ के बेशकीमती शीशम, सागौन और साखू के पेड़ तक बेंच खाए और सारा पैसा अपनी जेब में गटक गए!
साधु एक, पहचान अनेक!
जब पीड़ित चेले मनीषदास ने इस 'फर्जीवाड़े' की पड़ताल की, तो खुलासा हुआ कि यह 'चतुर चेला' तो बहरूपिया निकला! इसका नाम आजमगढ़ के परिवार रजिस्टर में भी दर्ज है और बहराइच के सरकारी कागजों में भी 'साधु' जी ने अपनी मौजूदगी दर्ज करा रखी है। यानी जहाँ देखा फायदा, वहीं का बन गया निवासी! पुलिस ने नहीं सुनी, तो कोर्ट ने कसा शिकंजा थाने से लेकर साहबों के दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद जब पीड़ित को न्याय नहीं मिला, तो मामला न्यायालय पहुँचा। सिविल जज (सी०डि०)-त्वरित / ए०सी०जे०एम० अंबेडकरनगर (यादवेन्द्र सिंह-द्वितीय) की अदालत ने पूरे मामले को संगीन मानते हुए हंसवर थानाध्यक्ष को करारा झटका दिया है। जल साजिश में शामिल लोगों के ऊपर बुलबुली हरिशंकर दास, रमपत्ति देवी पत्नी मुंशीलाल यादव निवासी ग्राम काजीपुर, थाना हंसवर, व रमावती पत्नी उदय बहादुर, रामप्रताप पुत्र हंसई निवासी ग्राम सैदपुर लेडुआडीह न्यायालय का सख्त आदेश: अदालत ने धारा 173(4) BNSS के तहत प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए हंसवर पुलिस को तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज कर विवेचना शुरू करने और 14 दिनों के भीतर अनुपालन रिपोर्ट अदालत में पेश करने का कड़ा आदेश जारी किया है। अब देखना यह होगा कि साधु का चोला पहनकर 'प्रॉपर्टी डीलिंग' करने वाले इस शातिर पर पुलिस का शिकंजा कितनी जल्दी कसता है!
फिलहाल अभी थाना अध्यक्ष का ब्यान नहीं मिला मिलता है तो प्रमुखता से खबर में प्रकाशित की जाएगी
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0