सिकंदरपुर कल्लू की रामलीला का संजय मिश्रा बबलू ने किया शुभारंभ, बोले—मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्श अपनाए समाज

Oct 13, 2026 - 12:49
 0  19
सिकंदरपुर कल्लू की रामलीला का संजय मिश्रा बबलू ने किया शुभारंभ, बोले—मर्यादा पुरुषोत्तम राम के आदर्श अपनाए समाज

लक्ष्मीकान्त पाठक

 हरदोई (अचलवार्ता)  शाहाबाद के सिकंदरपुर कल्लू में रामलीला मेला समिति की ओर से आयोजित रामलीला का शुभारंभ शाहाबाद के प्रमुख व्यवसायी, भाजपा नेता समाजसेवी संजय मिश्रा बबलू ने किया। उद्घाटन समारोह में भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा और सामाजिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और संस्कारों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।रामलीला मंच से संबोधित करते हुए संजय मिश्रा बबलू ने कहा कि भगवान श्रीराम की लीलाओं का मंचन कराना अत्यंत सराहनीय कार्य है। प्रभु श्रीराम का जीवन त्याग, सत्य, कर्तव्यनिष्ठा और मर्यादा का अनुपम उदाहरण है। उनके आदर्श आज भी समाज को सही दिशा दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को भगवान श्रीराम के चरित्र से प्रेरणा लेकर अपने जीवन में उनके आदर्शों को अपनाना चाहिए। इससे समाज में सद्भाव, नैतिकता और पारिवारिक मूल्यों को मजबूती मिलेगी। उन्होंने रामलीला के आयोजन के लिए समिति के पदाधिकारियों को शुभकामनाएं भी दीं।

पूर्वजों की परंपरा को आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी

इस अवसर पर शाहाबाद के प्रमुख समाजसेवी एवं पठकाना मेला समिति के व्यवस्थापक ऋषिकुमार मिश्रा ने कहा कि भगवान श्रीराम की मर्यादा और उनके आदर्श चरित्र को जन-जन तक पहुंचाने के लिए हमारे पूर्वजों ने अथक प्रयास किए। रामलीला की परंपरा उसी सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है, जिसे संजोकर रखना हम सभी का दायित्व है।उन्होंने कहा कि रामलीला के मंचन से भगवान श्रीराम के आदर्श घर-घर तक पहुंचते हैं। उनके चरित्र से सत्य, त्याग, प्रेम, कर्तव्य और मर्यादा की सीख मिलती है। ऐसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ ही नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं और संस्कारों से परिचित कराते हैं। उन्होंने कहा कि रामलीला का संदेश केवल मंच तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसे अपने आचरण और व्यवहार में भी उतारना चाहिए।ऋषिकुमार मिश्रा ने क्षेत्रीय लोगों से दशहरा पर्व पर पठकाना रामलीला मैदान पहुंचकर उत्सव में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहार और धार्मिक आयोजन आपसी मेलजोल, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का अवसर प्रदान करते हैं।कार्यक्रम में रामलीला समिति सिकंदरपुर कल्लू के पदाधिकारी, सहयोगी और बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।

What's Your Reaction?

Like Like 1
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 1