रांची : मिशन-3000 एमटी के लिए रेलवे ने तेज किया पुलों का सुदृढ़ीकरण
रांची , अचल वार्ता। रेलवे की माल ढुलाई क्षमता को मिशन-3000 एमटी के लक्ष्य के अनुरूप बढ़ाने के लिए दक्षिण पूर्व रेलवे अपने क्षेत्राधिकार में करीब 1786 पुलों के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण, पुनर्वास और पुनर्निर्माण की दिशा में काम कर रहा है।इसके लिए अब तक करीब 4500 करोड़ रुपये के पुल संबंधी कार्यों को मंजूरी दी गई है। पुलों को 25 टन एक्सल लोडिंग के अनुरूप तैयार किया जा रहा है, ताकि मालगाड़ियों के परिचालन की क्षमता को और मजबूत किया जा सके।
दक्षिण पूर्व रेलवे के मेगा और मेजर पुलों के पुराने स्टील गर्डरों को 25टन-2008 लोडिंग के अनुरूप नए स्टील गर्डरों से बदला जाएगा। इसके साथ पुलों के सब-स्ट्रक्चर का सुदृढ़ीकरण और अन्य संबंधित कार्य भी होंगे। री-गर्डरिंग के लिए अब तक 41 पुलों को मंजूरी दी गई है।
मौजूदा मेगा और मेजर पुलों के स्टील गर्डरों को बैलास्टेड डेक कम्पोजिट गर्डरों में बदलने के लिए 38 पुलों को मंजूरी मिली है। वहीं, 12.2 मीटर तक के स्पैन वाले स्टील गर्डरों को बैलास्टेड डेक पीएससी स्लैब से बदलने की योजना है। इसके लिए 137 पुलों को मंजूरी दी गई है। इन सभी कार्यों में पुलों के सब-स्ट्रक्चर को भी मजबूत किया जाएगा।20 बड़े पुलों का होगा पुनर्निर्माण
दक्षिण पूर्व रेलवे में 20 मेगा और मेजर पुलों को डायवर्टेड एलाइनमेंट पर नए पुलों के रूप में पुनर्निर्माण के लिए चिन्हित किया गया है। इनमें हावड़ा-खड़गपुर खंड में रूपनारायण नदी पर स्थित ब्रिज संख्या 57 डाउन, मिड और अप भी शामिल हैं। ये दक्षिण पूर्व रेलवे के सबसे लंबे मेगा पुलों में शामिल हैं।इसके अलावा करीब 1550 माइनर पुलों और चार सुरंगों के पुनर्वास के लिए मंजूरी दी गई है। पुलों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए गर्डर पुलों पर साइड पाथवे और मैन रिफ्यूज की संख्या बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है। अब तक 199 पुलों पर साइड पाथवे उपलब्ध कराया जा चुका है, जबकि 35 पुलों पर काम जारी है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0