वाह रे खाकी, तेरी लीला अपरंपार! अंबेडकर नगर में जलती कार और पुलिस की 'डायरेक्टेड' स्क्रिप्ट
अंबेडकर नगर, अचल वार्ता। उत्तर प्रदेश पुलिस का टैलेंट देखकर तो बॉलीवुड के बड़े-बड़े डायरेक्टर भी पानी मांग जाएं। मामला भीटी थाना क्षेत्र के बनखोदवा गांव का है, जहां साहब लोगों की छत्रछाया में एक स्विफ्ट डिजायर कार को ऐसा हवन में झोंका गया कि देखते ही देखते गाड़ी सीधे राख बन गई। आइए, आपको इस हाई-वोल्टेज ड्रामे की पूरी फिल्म दिखाते हैं! क्लाइमेक्स से पहले का सस्पेंस जब घाट पर थे सब, गाड़ी जल रही थी तब!
एक तरफ गांव वाले गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार की औपचारिकताएं पूरी कर रहे थे, तो दूसरी तरफ गांव के दूसरे कोने में एक खड़ी स्विफ्ट डिजायर कार रहस्यमयी तरीके से आग के हवाले हो गई। अब जरा पुलिस की टाइमिंग और टैलेंट का कमाल देखिए दार्शनिक मौजूदगी जिस वक्त गाड़ी स्वाहा हो रही थी, उस वक्त पुलिस की मौजूदगी और देखरेख पूरी तरह मुस्तैद थी।
जादूई कारनामा जब गांव के सारे लोग घाट पर अंतिम संस्कार में व्यस्त थे, तब पुलिस के हिसाब से वे लोग गाड़ी जलाने के लिए भी मौके पर मौजूद थे! यानी इंसान एक वक्त पर दो जगह रहने का हुनर सीखे तो सिर्फ भीटी पुलिस से। पिक्चर इसके बाद शुरू हुई मुकदमा नंबर और जनता का माथापच्ची मामला शांत होने के बाद असली स्क्रिप्ट तैयार हुई। पुलिस ने बिना देर किए 23 लोगों को नामजद और 20 अज्ञात यानी कुल 43 लोगों पर मुकदमा ठोक दिया। अब गांव वाले माथा पीटकर यही सोच रहे हैं कि जब पुलिस खुद मौके पर मौजूद थी, उनकी निगरानी में सब कुछ हुआ, तो फिर ये मुकदमे की बारात किसके इशारे पर निकाली गई गाड़ी जलने का दुख तो अपनी जगह है, लेकिन ऊपर से पुलिस ने ऐसा 'गिफ्ट' थमाया है कि पूरा गांव माथा पकड़े बैठा है। जनता के तीखे सवाल
इलाके में चर्चा गर्म है कि इस क्षेत्र में 90% आबादी निषाद समाज की है। अब जनता सीधा सवाल पूछ रही है। क्या न्याय पाने के लिए समाज का कमजोर होना जरूरी है। या फिर पुलिस डायरी में नाम लिखने का कोटा पूरा करना ही इस सीजन का सबसे ट्रेंडिंग गेम बन गया है। फिलहाल जनता यही कह रही है कि अगर सांप को रस्सी बनाने की कला सीखनी हो, तो ट्रेनिंग सेंटर भीटी पुलिस से बेहतर और कोई नहीं हो सकता।
- हरीलाल प्रजापति
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0