अम्बेडकर नगर: अदालत का केस वापस नहीं लिया तो 'लाठी-डंडों' से पीड़ित के परिवार वालों को पीटा: अंबेडकरनगर में जमीन के चक्कर में खूब चले लात-घूंसे!
अम्बेडकरनगर, अचल वार्ता। कहते हैं कि ज़मीन का झगड़ा बड़े-बड़े रिश्तों में ज़हर घोल देता है, लेकिन हंसवर थाना क्षेत्र में तो मामला सीधे दबंगई और कुश्ती पर उतर आया!ताज़ा मामला ग्राम बनियानी थाना हंसवर का है, जहाँ अली मोहम्मद ने थाने में अपनी आपबीती सुनाते हुए गुहार लगाई है। अली मोहम्मद का कहना है कि उनका विरोधी पक्ष से पुराना ज़मीनी विवाद चल रहा है, जिसकी फाइल बेचारी सिविल न्यायालय (कोर्ट) में धूल फांक रही है।
केस उठाओ, वरना हम तुम्हें उठा लेंगे!
विरोधी पक्ष की हसरत थी कि अली मोहम्मद कोर्ट से अपना मुकदमा चुपचाप वापस ले लें। लेकिन जब प्यार से बात नहीं बनी, तो विरोधियों ने ‘लाठी-डंडा' वाला फॉर्मूला अपनाने का मन बना लिया। दिनांक 16/10/2026 की सुबह-सुबह करीब 7 बजे जब लोग चाय की चुस्कियां ले रहे थे तब विरोधी पक्ष—सुल्तान, इमरान, शबाना खातून, रुबीना खातून, मो. उमर आदि पूरी तैयारी के साथ हाथों में लाठी-डंडे लेकर पीड़ित के दरवाजे पर सुप्रभात कहने पहुँच गए। दालान बना जंग का मैदान शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने गालियों का वो अमृतवर्षा' शुरू किया कि पूछिए मत! इतने से भी मन नहीं भरा तो वे घर में घुस आए और अली मोहम्मद की पत्नी सालेहा खातून पर लात-घूंसों और डंडों की बरसात कर दी। जब चीख-पुकार सुनकर अली मोहम्मद अपनी पत्नी को बचाने पहुंचे तो विरोधियों ने उनका भी 'अच्छे से खातिरदारी' कर दिया। मार-पीट इतनी ज़बरदस्त हुई कि पीड़ित और उनकी पत्नी को शरीर पर अच्छी-खासी चोटें आई हैं और जान से मारने की धमकी मुफ़्त में मिली है।
अब पुलिस करेगी 'न्याय का फैसला'
थक-हारकर पीड़ित अली मोहम्मद ने पुलिस थाना हंसवर के थानाध्यक्ष महोदय के सामने हाथ जोड़कर प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज करने और उचित कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि सुला समझौता जो हुआ था उसको विपक्षी मानने को तैयार नहीं है पीड़ित ने कहा की मेरा एक विश्वा जमीन पर जो मुकदमे चल रहे हैं उसे पर ना वह कुछ करें ना मैं कुछ करें जब तक मामला न्यायालय से फैसला नहीं आ जाता अब पुलिस प्रशासन क्या पीड़ित को न्याय दिला पाएगा या तो वक्त और समय ही तय कर सकता है
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