UP Panchayat Election 2026: यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव टलने के आसार, OBC आरक्षण बना बड़ी बाधा
UP Panchayat Elections 2026 को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश में अप्रैल–मई 2026 में प्रस्तावित त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव टल सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह अब तक समर्पित पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग का गठन न होना बताया जा रहा है, जिसके चलते पंचायतों में आरक्षण की प्रक्रिया तय नहीं हो पा रही है।
पंचायत चुनाव पर क्यों मंडरा रहा संकट?
प्रदेश में ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव कराने के लिए आरक्षण निर्धारण अनिवार्य होता है।
हालांकि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षण की स्थिति स्पष्ट है, लेकिन OBC आरक्षण को लेकर अब भी असमंजस बना हुआ है।
जब तक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग अपनी रिपोर्ट नहीं देता, तब तक OBC आरक्षण तय नहीं किया जा सकता और इसके बिना चुनाव कराना संवैधानिक रूप से संभव नहीं है।
SC-ST आरक्षण की स्थिति स्पष्ट
जनगणना 2011 के अनुसार:
अनुसूचित जाति (SC): 20.6982%
अनुसूचित जनजाति (ST): 0.5677%
इन वर्गों के लिए पंचायत चुनाव में इसी अनुपात में सीटें आरक्षित की जाएंगी।
OBC आरक्षण क्यों बना सबसे बड़ी चुनौती?
जनगणना में OBC के आंकड़े शामिल नहीं हैं
रैपिड सर्वे 2015 के अनुसार:
ग्रामीण आबादी में OBC की हिस्सेदारी: 53.33%। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार किसी भी ब्लॉक में OBC आरक्षण 27% से अधिक नहीं हो सकता । राज्य स्तर पर भी OBC आरक्षण की अधिकतम सीमा 27% तय है । इसी संतुलन को तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट जरूरी है।
पहले भी हो चुका है ऐसा विवाद
नगर निकाय चुनावों के दौरान भी OBC आरक्षण को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद सरकार ने नगर निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया और उसकी रिपोर्ट के आधार पर चुनाव कराए गए थे।
अब पंचायत चुनाव में भी राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन कर:
जिलों में सर्वे
OBC आबादी का आकलन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। उसके बाद ही आरक्षण और चुनाव प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
आयोग गठन पर सरकार की तैयारी
पंचायतीराज विभाग ने 6 सदस्यीय आयोग के गठन का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है, लेकिन अभी तक इस पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है।
ओमप्रकाश राजभर का दावा: समय पर होंगे चुनाव
पंचायतीराज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दावा किया है कि पंचायत चुनाव समय पर अप्रैल–मई 2026 में ही होंग। वे जल्द मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे। आयोग गठन के बाद 2 महीने के भीतर रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी
क्या सच में टल सकते हैं पंचायत चुनाव?
राजनीतिक और प्रशासनिक संकेतों को देखें तो:
अगर आयोग गठन और सर्वे में देरी होती है तो पंचायत चुनावों का टालना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि सरकार की ओर से अब तक आधिकारिक तौर पर चुनाव टालने की पुष्टि नहीं की गई है।
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