अंबेडकरनगर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रवण महोत्सव का भव्य शुभारंभ, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां
अंबेडकरनगर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रवण महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। हवन-पूजन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, महिला सशक्तिकरण, जनकल्याणकारी योजनाओं और पर्यटन को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया।
अंबेडकरनगर ,अचल वार्ता। रविवार सुबह वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ श्रवण महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। शुभारंभ अवसर पर हवन-पूजन एवं पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया, जिससे पूरा महोत्सव स्थल भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने की पूजा-अर्चना शुभारंभ कार्यक्रम में एडीएम (वित्त एवं राजस्व) ज्योत्सना बंधु, एडीएम (न्यायिक) रंजीत सिंह, एएसपी हरेंद्र कुमार तथा एसडीएम प्रतीक्षा सिंह ने विधिवत पूजा-अर्चना की। हवन के दौरान शांति, समृद्धि और मंगल कामना के मंत्रों का उच्चारण किया गया। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ महोत्सव स्थल पर उमड़ पड़ी।
पूजा के उपरांत प्रशासनिक अधिकारियों ने आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
हवन-पूजन के बाद मुख्य मंच से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ।
स्थानीय कलाकार सत्यम गौड़, सौरभ शुक्ला, सचिन गिरी आदि ने भक्तिमय गीतों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। वहीं उपमा पाण्डेय, महिंद्रा देवी एवं उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोकनृत्यों ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को लोकसंस्कृति और परंपराओं से जोड़ दिया।
महिला सशक्तिकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं पर विशेष फोकस
- महोत्सव के प्रथम दिवस पर महिला सशक्तिकरण एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रमुखता दी गई।
- महिला गोष्ठी के अंतर्गत बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ थीम पर आधारित नुक्कड़ नाटकों का प्रभावी मंचन किया गया।
- एनआरएलएम लाभार्थियों द्वारा “अपनी कहानी-अपनी जुबानी” कार्यक्रम के माध्यम से अनुभव साझा किए गए।
विद्यालयों के बच्चों एवं पुलिस टीम ने महिला सुरक्षा, कुपोषण से मुक्ति, तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम, आयुष्मान भारत योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं पर नुक्कड़ नाटकों और प्रस्तुतियों के माध्यम से जागरूकता फैलाई। आईसीडीएस योजनाओं का पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुतीकरण भी किया गया।
स्टॉल, प्रदर्शनी और झूले बने आकर्षण का केंद्र
श्रवण धाम महोत्सव के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित स्टॉल लगाए गए हैं। सूचना विभाग द्वारा स्थापित सरकार एवं जनपद की उपलब्धियों पर आधारित प्रदर्शनी महोत्सव का प्रमुख आकर्षण बनी हुई है। बच्चों के मनोरंजन के लिए आकर्षक झूलों की व्यवस्था की गई है, जिससे परिवारों की बड़ी संख्या में सहभागिता देखने को मिल रही है।
धार्मिक-सांस्कृतिक चेतना और पर्यटन को बढ़ावा
तीन दिवसीय यह महोत्सव धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का संगम बनकर उभरा है। श्रवण महोत्सव न केवल जनमानस में उत्साह का संचार कर रहा है, बल्कि ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देते हुए श्रवण क्षेत्र के विकास की नई तस्वीर भी प्रस्तुत कर रहा है।
- हरीलाल/अमित
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