अमेरिका-ईरान तनाव के बीच तेहरान का बड़ा रणनीतिक संदेश, बातचीत और युद्ध तैयारी साथ-साथ

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच तेहरान का बड़ा बयान, होर्मूज जलडमरूमध्य में लाइव फायर ड्रिल, रूस-चीन के साथ नौसैनिक अभ्यास और अमेरिका से बातचीत की संभावनाएं

Feb 2, 2026 - 10:43
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अमेरिका-ईरान तनाव के बीच तेहरान का बड़ा रणनीतिक संदेश, बातचीत और युद्ध तैयारी साथ-साथ

तेहरान | अचल वार्ता

मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच तेहरान से एक अहम रणनीतिक संकेत सामने आया है। एक तरफ जहां ईरान होर्मूज जलडमरूमध्य में लाइव फायर ड्रिल कर रहा है और फरवरी के मध्य में बड़े सैन्य अभ्यास की तैयारी में जुटा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका के साथ बातचीत की संभावनाओं को लेकर ईरान ने बड़ा बयान दिया है।

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली लारीजानी ने कहा है कि अमेरिका के साथ संवाद के लिए एक संरचित ढांचा तैयार किया जा रहा है और यह प्रक्रिया धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। उनके इस बयान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम करने की गंभीर कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, ईरान ने साफ किया है कि वह किसी भी तरह के बाहरी दबाव या धमकी के तहत कोई समझौता नहीं करेगा।

युद्ध का माहौल काफी हद तक बनावटी’ – अली लारीजानी

सोशल मीडिया के माध्यम से बयान जारी करते हुए अली लारीजानी ने कहा कि मीडिया में जिस तरह युद्ध का माहौल दिखाया जा रहा है, वह काफी हद तक बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। उन्होंने दावा किया कि पर्दे के पीछे राजनयिक प्रयास जारी हैं और स्थिति उतनी विस्फोटक नहीं है जितनी दिखाई जा रही है।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ईरान को कड़ी चेतावनियां दे रहे हैं और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी नौसेना का बड़ा बेड़ा तैनात है। ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स आंतरिक और बाहरी दबाव में हैं।

कूटनीतिक मोर्चे पर ईरान की सक्रियता

तनाव के बीच ईरान ने अपनी कूटनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची हाल ही में इस्तांबुल पहुंचे, जहां उन्होंने तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन और विदेश मंत्री हकान फिदान से मुलाकात की। तुर्की इस संकट में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।

इसी क्रम में अली लारीजानी ने मॉस्को का औचक दौरा कर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बंद कमरे में बातचीत की। भले ही बैठक का विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया हो, लेकिन क्रेमलिन द्वारा पुष्टि से यह साफ हो गया है कि ईरान इस संकट में रूस को एक अहम रणनीतिक साझेदार मान रहा है। रूस और चीन के साथ बढ़ता तालमेल अमेरिका के लिए नई चुनौती बन सकता है।

सैन्य शक्ति का प्रदर्शन और वैश्विक चिंता

सैन्य मोर्चे पर ईरान ने ऐलान किया है कि वह फरवरी के मध्य में रूस और चीन के साथ उत्तरी हिंद महासागर में संयुक्त नौसैनिक अभ्यास करेगा। इस अभ्यास में ईरानी नौसेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स दोनों की भागीदारी होगी।

दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड होर्मूज जलडमरूमध्य में ईरान की लाइव-फायर एक्सरसाइज पर करीबी नजर बनाए हुए है। अमेरिका ने इसे असुरक्षित और गैर-पेशेवर व्यवहार बताते हुए चेतावनी दी है। गौरतलब है कि होर्मूज जलडमरूमध्य से दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल व्यापार का आवागमन होता है। ईरान पहले ही संकेत दे चुका है कि अगर उसके हितों को खतरा हुआ, तो वह इस अहम वैश्विक सप्लाई रूट को प्रभावित कर सकता है।

बातचीत और तैयारी की दोहरी रणनीति

कुल मिलाकर, ईरान की रणनीति साफ तौर पर दोहरे मोर्चे पर आधारित दिख रही है—एक ओर बातचीत के दरवाजे खुले रखना और दूसरी ओर सैन्य तैयारी के जरिए ताकत का प्रदर्शन। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह तनाव बातचीत की मेज पर सुलझता है या मिडिल ईस्ट एक नए संकट की ओर बढ़ता है।

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