सोनीपत , अचल वार्ता। मंडलायुक्त मोनिका मलिक ने मंगलवार को लघु सचिवालय में जिला अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न विभागों से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों और लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में कोर्ट केस, इंतकाल, पेंडिंग रजिस्ट्री टोकन, प्रदूषण नियंत्रण, सीएम विंडो, प्रॉपर्टी टैक्स, मुख्यमंत्री अंत्योदय उत्थान योजना तथा बाढ़ प्रबंधन कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
पुराने कोर्ट केसों का प्राथमिकता से करें निपटारा
मंडलायुक्त मोनिका मलिक ने कोर्ट केसों की समीक्षा करते हुए कहा कि पुराने मामलों का जल्द से जल्द निपटारा सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक रूप से लंबे समय तक न्यायिक प्रक्रिया का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यायालयों में लंबित मामलों की नियमित निगरानी करते हुए प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करें।
उन्होंने पंचायतों से संबंधित न्यायालयों में चल रहे मामलों को गंभीरता से लेते हुए कहा कि कई बार यह देखने में आता है कि पंचायत की ओर से संबंधित मामले में कोई पैरवी नहीं करता। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि भविष्य में किसी पंचायत द्वारा न्यायालय में अपने मामले की पैरवी नहीं की जाती है तो संबंधित सरपंच और जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
लंबित इंतकालों को तुरंत निपटाएं अधिकारी
मंडलायुक्त ने इंतकालों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित इंतकालों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी इंतकाल में तकनीकी कारणों से अड़चन आ रही है तो संबंधित अधिकारी उच्च स्तर पर मामला उठाकर उसका समाधान करवाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि अनावश्यक रूप से कोई मामला लंबित न रखा जाए और लोगों को राजस्व सेवाओं का लाभ समय पर मिले।
ड्रेनों और भूमि में गंदा पानी डालने वालों पर हो सख्त कार्रवाई
प्रदूषण रोकने के प्रबंधों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने औद्योगिक इकाइयों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ड्रेनों अथवा भूमि के अंदर बिना उपचार किए गंदे पानी का निस्तारण किसी भी स्थिति में नहीं होना चाहिए। इससे भूजल और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि औद्योगिक इकाइयों की लगातार चैकिंग की जाए और यदि कोई इकाई नियमों का उल्लंघन करते हुए पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि ड्रेनों में भी केवल उपचारित पानी ही छोड़ा जाए।
सीएम विंडो की शिकायतों का समयबद्ध समाधान जरूरी
मंडलायुक्त ने सीएम विंडो पर प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि कोई भी शिकायत अनावश्यक रूप से लंबे समय तक लंबित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उसका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें तथा शिकायतकर्ता को राहत प्रदान करने को प्राथमिकता दें।
अंत्योदय मेलों के माध्यम से पात्र लोगों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
मुख्यमंत्री अंत्योदय उत्थान मेलों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त मोनिका मलिक ने कहा कि इन मेलों का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े पात्र व्यक्ति तक सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अधिक से अधिक पात्र परिवारों की पहचान कर उन्हें विभिन्न योजनाओं से जोड़ें और यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। अधिकारी केवल योजनाओं की जानकारी देने तक सीमित न रहें, बल्कि पात्र लाभार्थियों को योजना का वास्तविक लाभ दिलाने के लिए प्रभावी फॉलोअप भी सुनिश्चित करें।
बरसाती मौसम को देखते हुए जलभराव की समस्या न आने दें
बैठक में बाढ़ प्रबंधन एवं बरसाती मौसम की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल निकासी के सभी प्रबंध पहले से दुरुस्त रखें, ताकि भारी बारिश के दौरान कहीं भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने ड्रेनों, नालों और जल निकासी से जुड़े अन्य प्रबंधों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संवेदनशील स्थानों को चिन्हित कर वहां आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं, ताकि बरसात के दौरान आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
मंडलायुक्त मोनिका मलिक ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य लोगों को समय पर, पारदर्शी और प्रभावी सेवाएं उपलब्ध करवाना है। किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी अथवा लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित लंबित कार्यों की नियमित समीक्षा करें और निर्धारित समय सीमा में उनका निपटारा सुनिश्चित करें।
बैठक में उपायुक्त नेहा सिंह ने मंडलायुक्त को जिला प्रशासन की ओर से आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए सभी निर्देशों की गंभीरता से अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि लंबित इंतकाल, कोर्ट केस, सीएम विंडो की शिकायतों तथा रजिस्ट्री से संबंधित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा करवाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आमजन को किसी भी सरकारी सेवा के लिए अनावश्यक परेशानी या देरी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने यह भी कहा कि बरसात के मौसम को देखते हुए जल निकासी व्यवस्था, ड्रेनों की सफाई और संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो। उपायुक्त ने कहा कि प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के साथ-साथ मुख्यमंत्री अंत्योदय उत्थान योजना का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए भी विभागीय स्तर पर प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा, एसडीएम सोनीपत सुभाष चंद्र, एसडीएम गन्नौर प्रवेश कादियान, एसडीएम गोहाना अंकित कुमार, एसडीएम खरखौदा अमित कुमार, नगर निगम की संयुक्त आयुक्त मीतू धनखड़, नगराधीश सिमरन, डीडीपीओ मनीष मलिक सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।