सोनीपत में 50% स्टाफ के साथ चलेंगे कार्यालय, निर्माण कार्यों पर रोक
सोनीपत , अचल वार्ता । वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के अध्यक्ष राजेश वर्मा की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एनसीआर क्षेत्र से संबंधित जिला उपायुक्तों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में वायु प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण के लिए 5 नवंबर से 20 नवंबर तक लागू किए जाने वाले एहतियाती उपायों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई तथा संबंधित जिलों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में निर्देश दिए गए कि निर्धारित अवधि के दौरान सोनीपत सहित अन्य चार एनसीआर जिलों में राज्य सरकार एवं निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत स्टाफ की क्षमता के साथ कार्य किया जाएगा। इसके तहत 50 प्रतिशत कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित रहेंगे, जबकि शेष 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम के माध्यम से कार्य करेंगे। इसके अतिरिक्त एनसीआर क्षेत्र में आवश्यक सेवाओं को छोड़कर जिसमें रेलवे, मेट्रों, ऐयरपोर्ट, व अन्य को छोड़कर सभी प्रकार की निर्माण एवं ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। धुल पैदा करने वाले सभी तरह की निर्माण एवं ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
वीसी के उपरांत अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा ने संबंधित विभागों, विशेषकर नगर निगम, सोनीपत एवं हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सोनीपत के अधिकारियों व अन्य सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे आयोग द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि निर्माण एवं ध्वस्तीकरण गतिविधियों पर लगाए गए प्रतिबंधों की प्रभावी अनुपालना के लिए विभागीय स्तर पर विशेष टीमों का गठन किया जाए। ये टीमें समय-समय पर फील्ड में जाकर निरीक्षण करें और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करें। इसी तरह से संबंधित अधिकारियों को वर्क फ्रॉम होम के तहत आयोग द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश भी अतिरिक्त उपायुक्त ने दिए।
जिला में ग्रेप स्टेज-2 की गाइडलाइन का सख्ती से पालना सुनिश्चित करे संबंधित विभाग
2 नवंबर 2026 को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग द्वारा ग्रेप के स्टेज-2 को लागू करने के संबंध में जारी एनफोर्समेंट आदेशों की पालना को लेकर भी चर्चा की गई। अतिरिक्त उपायुक्त अजय चोपड़ा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रेप स्टेज-2 के तहत निर्धारित सभी उपायों को गंभीरता से लागू किया जाए। वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतें। उन्होंने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के लिए जारी निर्देशों की प्रभावी पालना सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0