राई / सोनीपत, अचल वार्ता। हरियाणा खेल विश्वविद्यालय, राई में 16 अक्टूबर 2026 की संध्या को खेल मनोविज्ञान एवं इवेंट मैनेजमेंट के महत्वपूर्ण पहलुओं पर विद्यार्थियों के ज्ञान और व्यावहारिक समझ को बढ़ाने के उद्देश्य से प्रतिष्ठित विशेषज्ञों के व्याख्यान आयोजित किए गए।
कार्यक्रम में स्पोर्ट्स साइकोलॉजी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष डॉ. अनिल करवांडे ने “खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार में खेल मनोविज्ञान की भूमिका” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने खेलों में मानसिक तैयारी, एकाग्रता, प्रेरणा, आत्मविश्वास, भावनात्मक नियंत्रण तथा तनाव प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि शारीरिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ मनोवैज्ञानिक तैयारी भी खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मानसिक रूप से तैयार खिलाड़ी प्रतियोगिता के दबाव का बेहतर ढंग से सामना करते हुए अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रख सकते हैं।
द्वितीय व्याख्यान काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के प्रोफेसर लेफ्टिनेंट डॉ. विक्रम सिंह ने “इवेंट मैनेजमेंट” विषय पर दिया। उन्होंने खेल प्रतियोगिताओं एवं आयोजनों के सफल संचालन के लिए आवश्यक योजना निर्माण, समन्वय, संसाधन प्रबंधन, लॉजिस्टिक्स, टीम की जिम्मेदारियों, जोखिम प्रबंधन तथा प्रभावी क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि किसी भी खेल आयोजन को सफल बनाने के लिए सुव्यवस्थित योजना, बेहतर नेतृत्व, टीमवर्क और समयबद्ध कार्यप्रणाली आवश्यक हैं।दोनों विशेषज्ञ व्याख्यानों के माध्यम से विद्यार्थियों को खेल प्रदर्शन में मानसिक सुदृढ़ता तथा खेल आयोजनों के कुशल प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त हुईं। इन सत्रों ने विद्यार्थियों को खेल क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न व्यावसायिक संभावनाओं और आवश्यक दक्षताओं को समझने का अवसर भी प्रदान किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डीन एकेडमिक्स प्रो. योगेश चंद्र, डीन फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स प्रो. अशोक शर्मा, स्पोर्ट्स डायरेक्टर श्री संजय सारस्वत सहित विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षण एवं कोचिंग स्टाफ तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान प्रो. योगेश चंद्र, एवं श्री संजय सारस्वत ने आमंत्रित विशेषज्ञों को स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।यह आयोजन विद्यार्थियों को विशेषज्ञों के अनुभव एवं ज्ञान से परिचित कराने तथा खेल शिक्षा के शैक्षणिक, मनोवैज्ञानिक एवं प्रबंधन संबंधी आयामों को सुदृढ़ करने की दिशा में विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।