लखनऊ : मतदेय स्थलों के निर्धारण में 1,200 मतदाताओं का मानक लागू
लखनऊ, अचल वार्ता । भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अर्हता तिथि 01 जनवरी, 2027 के आधार पर फोटोयुक्त मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की घोषणा के क्रम में शुक्रवार को प्रदेश के समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों, उप जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक कर मतदेय स्थलों के सम्भाजन एवं पुनर्व्यवस्थापन की कार्यवाही की समीक्षा की गई समस्त अधिकारियों को निर्देश दिए गए को कि मतदेय स्थलों का सम्भाजन 1200 मतदाताओं के मानक के आधार पर सर्वोच्च प्राथमिकता पर समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से सुनिश्चित किया जाए।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा-25 के अंतर्गत मतदेय स्थलों के निर्धारण की जिम्मेदारी जिला निर्वाचन अधिकारियों की है। निर्देश दिये गए कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रवार मतदेय स्थलों की नई आलेख्य सूची तैयार कर समस्त मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के जिला स्तरीय प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए। इसके उपरांत जिला निर्वाचन अधिकारी की अध्यक्षता में राजनैतिक दलों के प्रतिनिधियों, विधायकों एवं सांसदों के साथ बैठक आयोजित कर सूची पर विचार-विमर्श किया जाए तथा आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण करते हुए इसे अंतिम रूप दिया जाए।
शहरी क्षेत्रों में विकसित ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी एवं बहुमंजिली इमारतों में मतदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उपलब्धता के आधार पर भूतल पर स्थित सामान्य सुविधा क्षेत्र, सामुदायिक हॉल आदि में मतदेय स्थल स्थापित करने की कार्यवाही करने के निर्देश भी दिये गए। इससे संबंधित आवासीय परिसरों में रहने वाले मतदाताओं को मतदान के लिए अधिक सुविधाजनक व्यवस्था उपलब्ध कराई जा सकेगी।
सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि मतदेय स्थलों के सम्भाजन की कार्यवाही की नियमित समीक्षा अपने स्तर से सुनिश्चित करें तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर इसे अनिवार्य रूप से पूर्ण कराएं, ताकि विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की आगामी गतिविधियां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार संचालित हो सकें।
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