नाटो प्रमुख मार्क रुट की चेतावनी: अमेरिका के बिना यूरोप की सुरक्षा नामुमकिन, रक्षा खर्च 10% तक बढ़ाने की जरूरत
मार्क रुट ने यूरोपीय संसद में कहा—अगर यूरोप अकेले अपनी रक्षा करना चाहता है तो उसे परमाणु क्षमता विकसित करनी होगी, जिसकी कीमत अरबों यूरो होगी।
वॉशिंगटन, अचल वार्ता।
नाटो के महासचिव मार्क रुट ने यूरोपीय संसद को संबोधित करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यूरोप अमेरिका के बिना अपनी रक्षा नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि यदि यूरोपीय देश वास्तव में स्वतंत्र रक्षा व्यवस्था चाहते हैं, तो उन्हें अपने रक्षा खर्च को GDP के 10 प्रतिशत तक बढ़ाना होगा और यहां तक कि अपनी परमाणु क्षमता विकसित करनी पड़ेगी, जिसकी लागत अरबों यूरो होगी।
मार्क रुट के अनुसार, वर्तमान में नाटो के कुल रक्षा खर्च में यूरोपीय देशों का योगदान केवल 30 प्रतिशत है और औसतन देश अपनी जीडीपी का सिर्फ 2 प्रतिशत रक्षा पर खर्च कर रहे हैं, जो मौजूदा वैश्विक हालात में पर्याप्त नहीं है।
ग्रीनलैंड और आर्कटिक सुरक्षा पर ट्रम्प का समर्थन
रुट ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की आर्कटिक क्षेत्र और ग्रीनलैंड की मजबूत रक्षा रणनीति का समर्थन किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने ट्रम्प को उनकी बढ़ती धमकियों से पीछे हटने के लिए मनाने की कोशिश की और ग्रीनलैंड को लेकर समझौते की दिशा में बातचीत की।
बताया गया कि 21 जनवरी को दावोस में ट्रम्प और रुट के बीच ग्रीनलैंड को लेकर चर्चा हुई थी, जिससे डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेता नाराज हो गए। उनका कहना था कि उनके बिना ही ग्रीनलैंड के भविष्य पर बातचीत की जा रही है।
यूरोपीय संसद में उठे सवाल
यूरोपीय संसद के कई सदस्यों ने रुट से सवाल किया कि ट्रम्प से हुई बातचीत का डेनमार्क और ग्रीनलैंड पर क्या असर पड़ेगा। रुट ने स्वीकार किया कि 70 साल बाद भी यूरोप अमेरिकी सैन्य शक्ति और परमाणु सुरक्षा कवच पर निर्भर है।
उन्होंने चेताया कि अगर यूरोप अकेले आगे बढ़ता है तो उसे 2035 तक GDP का 5% रक्षा खर्च भी काफी नहीं होगा, इसे 10% तक ले जाना पड़ेगा, और तब अमेरिकी परमाणु सुरक्षा कवच खोने का जोखिम भी उठाना होगा।
चीन और रूस को बताया आर्कटिक सुरक्षा के लिए खतरा
मार्क रुट ने ट्रम्प की बात दोहराते हुए कहा कि चीन और रूस आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन रहे हैं। उन्होंने कहा,
“ट्रम्प अच्छा काम कर रहे हैं, भले ही इससे कई लोग असहज महसूस करते हों।”
ट्रम्प के दावे से यूरोप को राहत, लेकिन चिंता बरकरार
पिछले सप्ताह ट्रम्प ने दावा किया था कि ग्रीनलैंड के भविष्य को लेकर नाटो के साथ एक समझौते का ढांचा तैयार हो गया है, जिससे यूरोप को कुछ राहत मिली है। हालांकि, कई विशेषज्ञों को आशंका है कि ट्रम्प किसी भी समय अपना रुख बदल सकते हैं।
What's Your Reaction?
Like
1
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0