मोमोज-चाऊमीन बन रहे साइलेंट किलर! घर के पास फास्ट फूड स्टॉल से बढ़ रहा डायबिटीज और मोटापे का खतरा

घर के पास फास्ट फूड स्टॉल से बढ़ रहा मोटापा और टाइप-2 डायबिटीज का खतरा,चेन्नई की रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा।

Jan 29, 2026 - 10:26
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मोमोज-चाऊमीन बन रहे साइलेंट किलर! घर के पास फास्ट फूड स्टॉल से बढ़ रहा डायबिटीज और मोटापे का खतरा

नई दिल्ली, अचल वार्ता।

भूख लगते ही मोमोज, चाऊमीन, पिज्जा और बर्गर जैसे फास्ट फूड आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन यह सुविधा अब सेहत के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। हाल ही में चेन्नई के कई इलाकों में की गई एक रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि घर के पास फास्ट फूड स्टॉल होने से टाइप-2 डायबिटीज और मोटापे का जोखिम तेजी से बढ़ रहा है।

400 मीटर के दायरे में फास्ट फूड, बढ़ती बीमारियां

रिसर्च के मुताबिक, जिन घरों के 400 मीटर के भीतर मोमोज और चाऊमीन जैसे फास्ट फूड स्टॉल मौजूद हैं, वहां रहने वाले लोग बार-बार बाहर का खाना खाने लगते हैं। धीरे-धीरे घर का पौष्टिक और संतुलित भोजन पीछे छूट जाता है और उसकी जगह तैलीय, रिफाइंड और नमक-युक्त भोजन ले लेता है।

इस आदत का नतीजा यह होता है कि शरीर में अतिरिक्त फैट जमा होने लगता है, वजन बढ़ता है और ब्लड शुगर का संतुलन बिगड़ने लगता है।

मैदा और रिफाइंड तेल से बढ़ता डायबिटीज का खतरा

मोमोज और चाऊमीन जैसे फास्ट फूड में मैदा, रिफाइंड तेल और अधिक नमक होता है। मैदा शरीर में तेजी से ग्लूकोज में बदलता है, जिससे ब्लड शुगर अचानक बढ़ जाता है। इससे इंसुलिन की मांग बढ़ती है और लंबे समय तक ऐसा होने पर इंसुलिन रेजिस्टेंस विकसित हो सकता है, जो टाइप-2 डायबिटीज की शुरुआती अवस्था मानी जाती है।

वहीं ज्यादा तेल और नमक का सेवन हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों के खतरे को भी बढ़ाता है।

बच्चों और युवाओं पर भी गंभीर असर

यह समस्या सिर्फ वयस्कों तक सीमित नहीं है। रिसर्च में सामने आया है कि स्कूल और कॉलेज के आसपास फास्ट फूड स्टॉल होने से बच्चों और युवाओं में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। कम उम्र में बार-बार जंक फूड खाने से किशोरों में भी इंसुलिन रेजिस्टेंस और डायबिटीज का खतरा पैदा हो रहा है।

मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है असर

फास्ट फूड का असर केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता। तैलीय और नमकीन भोजन से थकान, एकाग्रता की कमी और नींद की समस्या बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार जंक फूड खाने से मानसिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

कैसे करें बचाव

विशेषज्ञों के अनुसार, इस खतरे से बचाव संभव है—

  • संतुलित और घर का ताजा भोजन अपनाएं
  • फास्ट फूड का सेवन सीमित करें
  • फल, सब्जियां और साबुत अनाज को प्राथमिकता दें
  • बच्चों को जंक फूड से दूर रखने की आदत डालें

सही खान-पान और जीवनशैली अपनाकर डायबिटीज और मोटापे के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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