मियांपुर खत्म! अब रविंद्रनगर की एंट्री

Apr 11, 2026 - 16:04
Apr 11, 2026 - 18:48
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मियांपुर खत्म! अब रविंद्रनगर की एंट्री

लखीमपुर खीरी, अचल वार्ता। सीएम योगी ने मोहम्मदी विधानसभा के मियांपुर गांव का नाम बदलने का ऐलान किया। उन्होंने कहा- 'कांग्रेस का पाप देखो,आपकी पहचान छुपाने के लिए गांव का नाम मियांपुर रख दिया। आप सोचो एक भी मियां नहीं लेकिन नाम मियांपुर।अब यह मियांपुर नहीं रहेगा, अब बांग्लादेश से आए इन बंधुओं की बस्ती का नाम रविंद्रनगर होगा। भारत को राष्ट्रगान देने वाले गुरुदेव रविंद्रनाथ ठाकुर के नाम पर आपकी अब पहचान होगी।

मुख्यमंत्री शनिवार को लखीमपुर में दो कार्यक्रमों में पहुंचे थे। मोहम्मदी विधानसभा क्षेत्र के मियांपुर गांव में 331 बांग्लादेशी हिंदू परिवारों को उनकी जमीन का मालिकाना हक देने के लिए भूमि अधिकार पत्र बांटे। इसके पहले उन्होंने पलिया में थारू जनजाति के 4356 परिवारों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के 2350 आश्रित परिवारों को जमीन का अधिकार पत्र सौंपा।

मुख्यमंत्री ने 1311 करोड़ रुपये की 538 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया। इनमें 356 करोड़ रुपये की 345 परियोजनाओं का लोकार्पण और 955 करोड़ रुपये की 193 परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है।

पढ़िए सीएम योगी के स्पीच की प्रमुख बातें

1- पापी पाकिस्तान के करतूतों की सजा हिंदुओं-सिखों को मिली

 ये पापी पाकिस्तान अपने कर्मों से पहले भारत का विभाजन किया। इस पाकिस्तान के भी टुकड़े हुए। अभी अन्य टुकड़ों में बंटने का इंतजार कीजिए, अभी और टुकड़ों में होने वाला हैं। लेकिन इस पापी पाकिस्तान की सजा मिली किसको वहां रहने वाले हिंदुओं को, सिखो को, जैनियों को, पारसियों को, ईसाईयों को...क्योंकि उनके यहां किसी अन्य जाति का कोई अस्तित्व नहीं है।

2- सीएम बोले- अब मियांपुर होगा रविंद्रनगर, गुरुदेव के नाम से होगी आपकी पहचान

 आप देखो पाप किस हद तक बोलता है। जिस बांग्लादेश ने इन्हें ठुकराया, जिस पाकिस्तान के पाप के कारण इनपर अत्याचार हुआ था। बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए, इनकी पैतृक संपत्ति पर वहां के दरिंदों ने कब्जा किया। और कांग्रेस का पाप देखा, आपका अधिकार तो लिया, आपसे वोट तो लेते रहे लेकिन कभी आपको मालिकाना अधिकार नहीं दिया। आपकी पहचान छुपाने के लिए गांव का नाम मियांपुर रख दिया। आप सोचो एक भी मियां नहीं लेकिन नाम मियांपुर। अब यह मियांपुर नहीं रहेगा, अब बांग्लादेश से आए इन बंधुओं की बस्ती का नाम रविंद्रनगर होगा। भारत को राष्ट्रगान देने वालने गुरुदेव रविंद्रनाथ ठाकुर के नाम पर आपकी अब पहचान होगी। बंगाल की भूमि तो भारत की आध्यात्मिक और विरासत की भूमि है। भारत का राष्ट्रगान गुरुदेव रविंद्र नाथ ठाकुर जी ने दिया और भारत का राष्ट्रगीत भी बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जी ने दिया।

3- विधायकों के मुंह से लार लपकने लगेगा

पलिया में थारू समाज को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने इस समाज को उद्योग-धंधों से जोड़ने की बात करते हुए स्थानीय विधायक रोमी साहनी की तारीफ करने के साथ चुटकी भी ली। बेकरी उद्योग से जुड़े विधायक रोमी साहनी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा- आप देखना, जैसे ही रोमी जी की बेकरी खुलेगी, मंच पर बैठे जनप्रतिनिधियों के मुंह में भी पानी आ जाएगा। ये शानदार मिठाइयां बनाते हैं। जब आपको अधिकार पत्र देने की बात हो रही थी, तब रोमी जी मेरे पास भी मिठाई का डिब्बा लेकर आए थे। अब वही मिठाई यहां बनाई जाएगी।

4- अब कोई दबंग आपकी जमीन पर कब्जा नहीं कर पाएगा

 अब न वन विभाग, न पुलिस और न ही राजस्व विभाग का कोई अधिकारी लोगों के अधिकारों में हस्तक्षेप कर सकेगा। अवैध वसूली और गलत लेखा-जोखा के जरिए जमीन कब्जाने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी। उन्होंने कहा- शास्त्रों के अनुसार वही शासन श्रेष्ठ है, जहां प्रजा सुखी हो। जनता की खुशी में ही शासन की सफलता निहित है।

5- इस जमीन के लिए आपकी कई पीढ़ियां गुजर गईं

 इस जमीन के लिए कई पीढ़ियों ने संघर्ष किया है। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवारों और थारू समाज को दशकों से अधिकार नहीं मिल पाया था, लेकिन अब यह अधूरी यात्रा पूरी हो रही है।

6- चंदन चौकी की पहचान, राणा सांगा को याद किया

 चंदन चौकी पलिया की पहचान है, जहां वनवासी संस्कृति, स्वाभिमान और तराई की उर्वरता एक साथ दिखाई देती है। पहले थारू समुदाय को अधिकारियों द्वारा परेशान किया जाता था और वे अपनी पहचान के लिए संघर्ष कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह दिन इसलिए भी खास है क्योंकि अगले दिन महाराणा सांगा की जयंती है, और इस अवसर पर अधिकार पत्र मिलना गौरव का विषय है।

7- पहले बसाया गया, लेकिन अधिकार नहीं दिया गया

 पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए हुए वे लोग जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सबकुछ खोया। ब्रिटिश कालखंड में इनके अधिकार बाधित कर दिए गए। जमीनों पर ब्रिटिशर्स ने कब्जा कर लिया, इनको यातनाएं दी, किसी को कालापानी की सजा तो किसी को फांसी की सजा दी। किसी को बिना सुनवाई देश निकाला कर दिया। जैसे तैसे वे लोग देश की आजादी के बाद मुक्त हुए, तत्कालीन सरकार ने उनको बसाने की व्यवस्था की। बसाया तो लेकिन बसाने के साथ कभी भी उनको उनका अधिकार, जमीन का हक नहीं दिला पाए। याद करिए, कितनी लंबी यात्रा है। वे लोग जिन्होंने देश की आजादी में योगदान दिया, वे लोग आजाद भारत में अपने अधिकार से वंचित थे। जिन्होंने देश की आजादी में अपना योगदान दिया लेकिन स्वतंत्र भारत में उनको अधिकार से वंचित कर दिया गया। थारू समाज के लोग को 1976 में जमीन देने की बात की गई थी लेकिन कभी भी स्वामित्व नहीं मिला। 1955 में पूर्वी यूपी में आए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को भी उनका अधिकार नहीं मिल पाया।

8- केवल परिवार के बारे में पिछली सरकार ने सोचा

 पिछली सरकारों में संवेदना का अभाव था। अपने परिवार से उठ पाते तो इन थारूओं के बारे में, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों के बारे में सोच पाते। लेकिन जिनको समाज को बांटने से फुर्सत न हो, जिन्होंने सदैव समाज को बांटने का काम किया, आपके हक और संसाधनों पर डकैती करने का काम किया हो, उनसे उम्मीद करना कि यह आपको आपका अधिकार दिलाएंगे, कभी नहीं दिलाएंगे। आपकी पहचान को समाप्त करने के लिए ये उतारू थे। याद करिए, आपका अधिकार तो नहीं मिल पाया लेकिन आपके सामने, आपके नौजवानों के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया था। लेकिन मैं आज गौरव के साथ कह सकता हूं कि जिस जमीन पर आपका कब्जा है, जहां पर आप खेती जोतते हैं, जहां पर फसल लहलहाती है, जहां पर आपने सपने बोए थे, वहां पर डबल इंजन की सरकार खड़े होकर आपके सपनों को आकार देने के लिए आपको भौमिक अधिकार देने के लिए आई है। थारू जनजाति के 4356 परिवारों को 5358 हेक्टेयर जमीन का अधिकार यहां पर सौंपा गया है। अब आप उसके मालिक हो गए। आप अपने सपनों को एक नया पंख दे सकते हैं। ऐसे ही पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए हुए 2359 सेनानियों के आश्रितों के परिवारों को 4251 हेक्टेयर जमीन का अधिकार सरकार दे रही है।

9- सिर्फ एक गांव में पहले विकास होता था

 पहले विकास का कार्य सिर्फ एक गांव में होता था। आज 25 करोड़ की आबादी हमारा परिवार है। पहले विकास भी सैफई में और योजना भी सब सैफई में। प्रदेश के गरीबों के हक पर डकैती डालकर एक परिवार ही सारा लाभ लेता था।

10- योगी बोले- थारू लोग बेकरी उद्योग से जोड़े जाएंगे

सीएम ने कहा- ये केवल अधिकार नहीं मिला है, विकास की नई धारा को आगे बढ़ाने की पहल है। जैसे रोमी साहनी ने अपने पैरों पर खड़ा होकर जनता की लड़ाई भी लड़ी और विकास के कार्यक्रमों को भी आगे बढ़ाया। मैं आपको नई जिम्मेदारी देने जा रहा। आपने विकास के नए मॉडल खड़े किए हैं। आपने अर्थव्यवस्था को कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है और व्यवसाय कैसे आगे बढ़ सकती है। मैंने आपकी बेकरी के बारे में काफी सुना है। मैं चाहूंगा कि चंदन चौकी और उसके आसपास कुछ ऐसा खड़ा करिए कि जिससे थारू लोगों में भी आत्मनिर्भरता हो। हम उनसे जोड़कर पूरी तराई के साथ उत्तराखंड में भी आपकी बेकरी के प्रोडक्ट को भेज सकेंगे।

11- मुकदमे वापस लेने का ऐलान

सीएम योगी ने कहा- रोमी साहनी की थारू जाति के लोगों पर समाजवादी पार्टी की सरकार ने मुकदमे कर दिए थे लेकिन हम कह रहे हैं कि हम उसे वापस लेंगे। सपा सरकार हर जिले में बड़े-बड़े माफिया और दुर्दांत अपराधियों को पालती थी और महाराणा प्रताप के वंशजों पर अत्याचार करती थी, झूठे मुकदमे दर्ज करती थी। मैं कह सकता हूं कि आप पर कोई अत्याचार नहीं कर पाएगा।

ब्यूरो रिपोर्ट 

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