लखीमपुर खीरी: श्री रुद्र महायज्ञ में गूंजे वैदिक मंत्र, यज्ञ के धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व पर हुआ प्रकाश
लखीमपुर खीरी, अचल वार्ता। जमुनाबाद फार्म के ब्लॉक नंबर दो स्थित फकीर बाबा स्थान पर आयोजित श्री रुद्र महायज्ञ के पांचवें दिन धार्मिक आस्था और वैदिक परंपराओं का भव्य संगम देखने को मिला। यज्ञाचार्य पं. लक्ष्मीकांत मिश्र एवं वेदाचार्य ओमवीर तिवारी ने श्रद्धालुओं को यज्ञ के धार्मिक एवं वैज्ञानिक महत्व की जानकारी दी। पं. ओमवीर शास्त्री ने कहा कि भगवान की वेदी पर दी जाने वाली प्रत्येक आहुति श्रद्धा, समर्पण और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक होती है। उन्होंने बताया कि यज्ञ से निकलने वाला धुआं वातावरण को शुद्ध करता है और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में सहायक होता है।
उन्होंने प्रकृति के बढ़ते असंतुलन पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर वर्षा न होना और अत्यधिक गर्मी बढ़ने का प्रमुख कारण अंधाधुंध पेड़ों की कटाई है। सड़क चौड़ीकरण और विकास कार्यों के नाम पर हरे-भरे वृक्ष काटे जा रहे हैं, लेकिन उनके स्थान पर नए पौधे नहीं लगाए जा रहे, जिससे पर्यावरण संकट गहराता जा रहा है। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सप्तधारा यज्ञ मंडप में विद्वान पुरोहितों द्वारा दी जा रही आहुतियों से पूरा वातावरण भक्तिमय और सुगंधित हो उठा। यज्ञ स्थल पर दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने डेरा जमा रखा है और लगातार धार्मिक अनुष्ठानों में भाग ले रहे हैं।
यज्ञाचार्य पं. लक्ष्मीकांत मिश्र, एकनाथ शुक्ला एवं नितिन पांडेय ने फकीर बाबा की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि यहां श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होने पर कथा, अखंड रामायण, सुंदरकांड और विशाल भंडारों का आयोजन कराया जाता है। वहीं भागवत कथा और ढोलक की थाप पर गाए जा रहे मंगल गीत राहगीरों को भी आकर्षित कर रहे हैं।
कार्यक्रम में पूर्व विधायक रामसरन, पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं आयोजक महेश चंद्र कनौजिया, हरीश वर्मा, सुरेश वर्मा, अजय वर्मा, कुलदीप वर्मा, मुख्य पुजारी योगेश वर्मा, दिनेश वर्मा, बलबीर राज, विनोद कुमार, चंदन सिंह, अतुल सिंह, सत्यवीर सिंह, दिनेश सिंह, पंकज यादव, संजीव यादव, शिवराज सिंह, जेपी सिंह, जनमेजय यादव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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