देवरिया:जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में लापरवाही पर सख्त डीएम, सभी बीपीएम-बीसीपीएम का एक दिन वेतन रोकने के निर्देश
देवरिया के डीएम मधुसूदन हुल्गी ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में लापरवाही पर बीपीएम, बीसीपीएम और प्रभारी चिकित्साधिकारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। मातृ-शिशु स्वास्थ्य योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अपने अधीनस्थों का करे प्रभावी अनुश्रवण, स्वास्थ्य योजना हर हाल में जमीनी स्तर तक हो सुनिश्चित-डीएम
देवरिया, अचल वार्ता। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में अपने दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही पाए जाने पर सभी बीपीएम एवं बीसीपीएम का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को सचेत करते हुए कहा कि वे अपने अधीनस्थ कर्मियों पर प्रभावी नियंत्रण रखें और स्वास्थ्य विभाग की संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन सुचारु रूप से सुनिश्चित कराएं। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए, अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की प्रगति समीक्षा के दौरान भटनी एवं मझगांवा के प्रभारी चिकित्साधिकारियों का एक-एक दिन का वेतन रोके जाने के निर्देश दिए तथा प्रभारी चिकित्सा अधिकारी लार को कारण बताओ नोटिस जारी करने एवं 20 दिन से कम उपस्थिति वाले सीएचओ का स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने सभी प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन गांवों में मातृ एवं शिशु मृत्यु हुई है, वहां आशा, आंगनबाड़ी एवं एएनएम के साथ जाकर कारणों की जानकारी करें तथा स्वास्थ्य कर्मियों को उनके निवारण के प्रति जागरूक करें। उन्होंने मातृ एवं शिशु मृत्यु को नियंत्रित करने के लिए ग्राम स्तर के स्वास्थ्य एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को जागरूक करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इसी परिप्रेक्ष्य में जिलाधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी को भी ऐसे गांवों में सीडीपीओ एवं सुपरवाइजर को भेजने के निर्देश दिए तथा कहा कि संचालित योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाया जाए और गर्भवती महिलाओं सहित आमजन को इसके प्रति जागरूक किया जाए। ग्राम स्तर की सभी इकाइयां पूरी तरह सक्रिय रहें और स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। उन्होंने प्रभारी चिकित्साधिकारियों एवं सीडीपीओ की टीम को मंगलवार को मातृ एवं शिशु मृत्यु वाले गांवों का भ्रमण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने एचआरपी महिलाओं को चिन्हित करने तथा आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नियमित रूप से फील्ड में भ्रमण करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति के तहत आयोजित सत्रों में आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम प्रधानों को जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से पत्र भेजने के निर्देश दिए।
मंत्रा ऐप पर टीकाकरण आदि की अपलोडिंग में शिथिलता पाए जाने पर बीपीएम भाटपाररानी सहित सभी संबंधितों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही भलुअनी में तैनात एवं वर्तमान में स्थानांतरित फार्मासिस्ट द्वारा आवश्यक दवाओं की मांग न भेजे जाने पर उनका भी वेतन बाधित करने के निर्देश दिए। मातृ एवं शिशु मृत्यु के प्रकरणों में ऑडिट के उपरांत प्राप्त कारणों से आशा कार्यकर्ताओं को भी अवगत कराने के साथ ही स्वास्थ्य विभाग एवं बाल विकास परियोजना से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर कार्य करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की संचालित योजनाएं आमजन के स्वास्थ्य एवं जीवन रक्षा से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। इसलिए प्रत्येक योजना का समयबद्ध, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की बैठक अब प्रत्येक तीसरे दिन आयोजित होगी तथा सभी अधिकारी प्रत्येक बिंदु की अद्यतन जानकारी एवं पूर्ण आख्या के साथ बैठक में उपस्थित होंगे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. रजनी पटेल, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ए.के. गुप्ता, सीएमएस डॉ. एच.के. मिश्रा, जिला पंचायत राज अधिकारी रतन कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी आदीश मिश्रा, एसीएमओ, डिप्टी सीएमओगण, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका/नगर निकाय तथा स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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