लखीमपुर खीरी : कैमासुर गांव में तेंदुए की दहशत, ग्रामीणों ने उठाई सुरक्षा की मांग ।
लखीमपुर खीरी, अचल वार्ता । लखीमपुर के मैगलगंज वन रेंज अंतर्गत फरधान थाना क्षेत्र के कैमासुर गांव में एक बार फिर तेंदुए जैसे वन्यजीव की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। बीती रात ग्रामीणों ने गांव के पास खड़ंजे पर एक वन्यजीव को देखा, जो शोर मचाने पर खेतों की ओर भाग गया। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर रात में कॉम्बिंग अभियान चलाया। ग्रामीण नंदकिशोर ने बताया कि रात में दो जंगली जीव खड़ंजे पर बैठे दिखाई दिए। उनके शोर मचाने पर वे गन्ने के खेतों की ओर भाग गए। नंदकिशोर के अनुसार, एक वन्यजीव उनके घर की छत और पेड़ पर भी चढ़ गया था, जिसके बाद वन विभाग को सूचना दी गई।
मौके पर पहुंचे वन दरोगा उमेश चंद्र वर्मा ने ग्रामीणों से कहा कि ये तेंदुए के पदचिह्न (पगमार्क) प्रतीत हो रहे हैं और टीम लगातार कॉम्बिंग कर रही है। हालांकि, वन क्षेत्राधिकारी विकास प्रताप सिंह का कहना है कि अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि वह तेंदुआ था या कोई अन्य जंगली जीव। उन्होंने बताया कि जांच और कॉम्बिंग अभियान जारी है।
वन विभाग के अधिकारियों के अलग-अलग बयानों के कारण ग्रामीण असमंजस में हैं कि आखिर गांव में तेंदुआ है या कोई अन्य जंगली जानवर। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले करीब दो सप्ताह से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है, लेकिन अब तक कोई वरिष्ठ वन अधिकारी गांव नहीं पहुंचा और न ही सुरक्षा के लिए पिंजरा लगाया गया है।
ग्रामीण सूरज कुमार ने बताया कि मौके पर केवल एक वन दरोगा ही पहुंचते हैं, जबकि उच्च अधिकारी गांव आने की जरूरत नहीं समझ रहे हैं। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि भय के कारण बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और किसान पशुओं के लिए चारा लेने या खेतों में काम करने से भी डर रहे हैं।
फिलहाल, वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, अकेले खेतों में न जाने और किसी भी संदिग्ध वन्यजीव की सूचना तुरंत विभाग को देने की अपील की है। हालांकि, ग्रामीणों की मांग है कि वन विभाग जल्द स्पष्ट स्थिति बताए और सुरक्षा के ठोस इंतजाम करे, ताकि गांव में फैली दहशत समाप्त हो सके और तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाए।
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