हर पल मौत का साया, जर्जर हाईटेंशन तारों से खौफ में कछौना के दर्जनों गांवों के किसान
कछौना /हरदोई , अचल वार्ता । विद्युत उपकेंद्र कछौना से जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर हाईटेंशन लाइन किसानों और ग्रामीणों के लिए जानलेवा खतरा बनी हुई है। मोहाई, भीरीघाट, देवनपुर, तकिया, गनेशपुर, त्यौरी, बनियनखेड़ा, मतुआ और मरेउरा समेत कई गांवों को जाने वाली 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन वर्षों पुरानी होने के कारण जगह-जगह ढीली और जर्जर हो चुकी है। खेतों के ऊपर झूलते तारों से ग्रामीणों में हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों के अनुसार, कई बार तार टूटकर खेतों में गिर चुके हैं, जिससे किसानों की खड़ी फसलें जलकर नष्ट हो गईं। वहीं करंट की चपेट में आने से कई दुधारू और पालतू पशुओं की मौत भी हो चुकी है। खतरे के चलते किसान खेतों में काम करने से भी डरते हैं।
समस्या के स्थायी समाधान के लिए जनसरोकार मंच के पीडी गुप्ता, ग्राम प्रधान सोनी सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य रेनू तिवारी, राहुल श्रीवास्तव, दीपक सिंह उर्फ दीपू, सामाजिक कार्यकर्ता रमेश कुमार उर्फ पिंटू, रजनीश कुमार, पूर्व ग्राम प्रधान साहेब लाल और युवा कार्यकर्ता देवेंद्र कुमार सहित ग्रामीण कई बार शासन-प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वर्षों से आश्वासन के बावजूद जर्जर तार नहीं बदले गए।
अवर अभियंता राज कुमार प्रजाति ने बताया कि जांच के बाद एस्टीमेट शासन को भेजा जा चुका है। बजट स्वीकृत होते ही जर्जर तार बदलने का कार्य कराया जाएगा। वहीं क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा ने कहा कि जनता की सुरक्षा प्राथमिकता है। शासन स्तर पर पैरवी कर बजट स्वीकृत कराने और लाइन बदलवाने का प्रयास किया जाएगा।
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के आश्वासनों के बावजूद ग्रामीणों की समस्या जस की तस बनी हुई है। अब सवाल यही है कि आखिर जर्जर तारों के इस जानलेवा जाल से ग्रामीणों को कब तक निजात मिलेगी।
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