लखीमपुर खीरी: पेंशनरों को बड़ी राहत, अब घर बैठे बनेगा जीवित प्रमाणपत्र; कोषागार जाने की जरूरत नहीं

Nov 3, 2026 - 17:31
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लखीमपुर खीरी: पेंशनरों को बड़ी राहत, अब घर बैठे बनेगा जीवित प्रमाणपत्र; कोषागार जाने की जरूरत नहीं

लखीमपुर खीरी, अचल वार्ता। पेंशन पाने के लिए अब बुजुर्गों को हर साल स्वयं कोषागार या बैंक पहुंचकर जीवित होने का प्रमाण देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। घर बैठे स्मार्टफोन से ही उनका डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र तैयार हो सकेगा। मोबाइल के कैमरे से चेहरे का सत्यापन कराकर पेंशनर अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगे। इससे खासकर बुजुर्ग, अस्वस्थ और चलने-फिरने में असमर्थ पेंशनभोगियों को बड़ी राहत मिलेगी। शासन की इस डिजिटल पहल को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जिले में एक से 30 नवंबर तक डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान 5.0 संचालित किया जा रहा है।

डिजिटल व्यवस्था के तहत पेंशनरों को अब जीवित होने का प्रमाण देने के लिए व्यक्तिगत रूप से कोषागार पहुंचने की बाध्यता से राहत मिलेगी। वरिष्ठ कोषाधिकारी अमित कुमार राय की देखरेख में जिला कोषागार में एक माह का नि:शुल्क सहायता शिविर भी लगाया गया है। यहां ऐसे पेंशनरों को तकनीकी सहयोग दिया जा रहा है, जिन्हें मोबाइल ऐप के इस्तेमाल की जानकारी नहीं है। अभियान के शुरुआती दो दिनों में ही 317 पेंशनरों के डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जनरेट किए जा चुके हैं।

जिले में उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों और अन्य प्रदेशों से जुड़े करीब 12,711 पेंशनभोगी हैं। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार के विभागों, रेलवे, रक्षा, डाक, बैंक और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के भी हजारों पेंशनर हैं। प्रत्येक पेंशनभोगी को साल में एक बार जीवित होने का प्रमाण देना अनिवार्य होता है, ताकि पेंशन का भुगतान निर्बाध रूप से जारी रहे। डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र की सुविधा से अब इस जरूरी औपचारिकता को पूरा करना पहले से कहीं अधिक आसान हो गया है।

चेहरे का सत्यापन ही बनेगा जीवित होने का प्रमाण

मुख्य कोषाधिकारी अमित कुमार राय ने बताया कि बुजुर्गों और अस्वस्थ पेंशनरों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र की व्यवस्था की गई है। अब पेंशनर घर बैठे मोबाइल से फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए अपना प्रमाणीकरण करा सकते हैं। जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है या जो स्वयं यह प्रक्रिया पूरी करने में सक्षम नहीं हैं, वे जिला कोषागार में लगे नि:शुल्क शिविर का लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए बैंक पासबुक, आधार कार्ड और नवीन पासपोर्ट साइज फोटो साथ लानी होगी। कोषागार के कर्मचारी उन्हें प्रमाणपत्र बनवाने में सहयोग करेंगे।

ऐसे घर बैठे बनेगा डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र

पेंशनर या परिवार का कोई सदस्य गूगल प्ले स्टोर से आधार फेस आरडी और जीवन प्रमाण ऐप डाउनलोड कर सकता है। ऐप खोलकर आधार नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद ओटीपी से सत्यापन करना होगा। इसके बाद पेंशनर का नाम, पीपीओ नंबर, बैंक खाता संख्या और पेंशन स्वीकृति प्राधिकारी का विवरण भरना होगा। मोबाइल के फ्रंट कैमरे से चेहरे का स्कैन कर ऐप के निर्देशानुसार पलकें झपकानी होंगी। सफल प्रमाणीकरण के बाद मोबाइल पर जीवन प्रमाण आईडी का एसएमएस प्राप्त होगा। संबंधित बैंक या विभाग पोर्टल के माध्यम से डिजिटल प्रमाणपत्र प्राप्त कर सकेगा।

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