अकबरपुर में हाईटेंशन बिजली लाइनें होंगी भूमिगत, ₹92.78 लाख खर्च कर हादसों पर लगेगा ब्रेक
अम्बेडकरनगर के अकबरपुर में हाईटेंशन बिजली तार भूमिगत होंगे। ₹92.78 लाख की लागत से 33 केवी और 11 केवी लाइनें अंडरग्राउंड कर हादसों से बचाव और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
अम्बेडकरनगर ,अचल वार्ता। जनपद के अकबरपुर शहर में अब हाईटेंशन बिजली तारों से होने वाले हादसों पर लगाम लगेगी। शहर के सबसे संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में 33 केवी और 11 केवी की हाईटेंशन बिजली लाइनों को भूमिगत करने का निर्णय लिया गया है। इस परियोजना पर कुल 92 लाख 78 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में होगा कार्य
इस योजना के तहत कलेक्ट्रेट, विकास भवन, जिला अस्पताल, न्यायालय परिसर, तहसील, चिल्ड्रेन पार्क और बसखारी रोड जैसे प्रमुख स्थानों के आसपास से गुजरने वाली हाईटेंशन बिजली लाइनों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। इन क्षेत्रों में आए दिन शॉर्ट-सर्किट और करंट लगने जैसी घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
हादसों से बचाव और निर्बाध आपूर्ति उद्देश्य
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड द्वारा शहर में 11 हजार वोल्ट, 440 वोल्ट और 33 केवीए की लाइनों को भूमिगत करने का फैसला लिया गया है। इस कदम से न केवल विद्युत हादसों में कमी आएगी, बल्कि आम जनता को निर्बाध बिजली आपूर्ति भी सुनिश्चित होगी।
PWD करेगा नालियों का निर्माण
लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस परियोजना के लिए बजट आवंटित किया है। बिजली के केबलों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला अस्पताल गेट से तहसील परिसर, बसखारी रोड न्यायालय मार्ग और कलेक्ट्रेट तक लगभग 10 लाख रुपये की लागत से पक्की नालियों का निर्माण कराया जा रहा है। इन्हीं नालियों के बीच से भूमिगत केबल डाली जाएंगी, जिन्हें बाद में पावर कॉरपोरेशन को सौंप दिया जाएगा।
भविष्य में और क्षेत्रों में भी योजना
पावर कॉरपोरेशन की योजना है कि आने वाले समय में शहर के खंभों पर लगी हाईटेंशन लाइनों को चरणबद्ध तरीके से हटाकर भूमिगत किया जाए। बिजली घर से ट्रांसफार्मर तक आने वाली लाइनों को हाईटेंशन की श्रेणी में रखा जाता है।
अधिकारी का बयान
पावर कॉरपोरेशन के अधिशासी अभियंता प्रेमचंद ने बताया कि फिलहाल जिला अस्पताल, न्यायालय, तहसील परिसर, विकास भवन और चिल्ड्रेन पार्क जैसे संवेदनशील स्थानों पर भूमिगत केबल बिछाने की तैयारी चल रही है। इन स्थानों पर शॉर्ट-सर्किट से हादसों की आशंका अधिक रहती है, इसलिए इन्हें प्राथमिकता में रखा गया है।
- अमित प्रजापति
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