किश्तवाड़ में बादल फटा, हुई भारी तबाही, मरने वालों की संख्या हुई 60

राहत और बचाव अभियान जारी
श्रीनगर । जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चसोटी गांव में गुरुवार मचैल माता यात्रा मार्ग पर बादल फटने से भारी तबाही मची थी। बचाव कार्य अभी भी जारी है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को बताया कि इस हादसे में कम से कम 60 लोगों की जान गई है, जिनमें ज्यादातर श्रद्धालु शामिल हैं। जबकि 100 से अधिक लोग घायल हुए हैं। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने किश्तवाड़ के उपायुक्त से बात कर राहत और चिकित्सा सुविधाओं को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पूरी स्थिति की जानकारी दी और कहा कि राज्य व केंद्र से सभी आवश्यक संसाधन जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस ने जानकारी दी कि मृतकों में अधिकतर मचैल माता मंदिर की वार्षिक यात्रा में शामिल श्रद्धालु थे, जो उस समय चसोटी में मौजूद थे। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया और प्रशासन, सेना, एनडीआरएफ तथा एसडीआरएफ को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। हादसा गुरुवार दोपहर में हुआ, जब सैकड़ों लोग यात्रा के लिए एकत्र हुए थे। अचानक बादल फटने से भारी मात्रा में पानी और मलबा बहकर आया, जिसने वहां अफरातफरी मचा दी। अब तक 160 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है, जिनमें से 38 की हालत गंभीर बताई जा रही है। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, लेकिन भारी बारिश और मलबे के कारण स्थिति बेहद कठिन बनी हुई है। इस हादसे में सीआईएसएफ के एक जवान का शव बरामद किया गया है, जबकि तीन अन्य जवान अब भी लापता हैं।
स्थानीय पुलिस, प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां संयुक्त रूप से राहत और बचाव अभियान चला रही हैं।
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