स्वास्थ्य : चांदीपुरा वायरस से बच्चों पर सबसे ज्यादा खतरा
नई दिल्ली, अचल वार्ता। देश के कई हिस्सों में चांदीपुरा वायरस (Chandipura Virus) के मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने अभिभावकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह वायरस विशेष रूप से छोटे बच्चों के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र (नर्वस सिस्टम) को तेजी से प्रभावित कर सकता है। समय पर पहचान, उपचार और बचाव इस संक्रमण से बचने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।
बदलते मौसम और लगातार हो रही बारिश के बीच जहां बच्चों में वायरल बुखार और सर्दी-जुकाम के मामले बढ़ रहे हैं, वहीं चांदीपुरा वायरस ने भी चिंता बढ़ा दी है। हाल के दिनों में इस संक्रमण के कारण कई बच्चों की मौत की खबरें सामने आई हैं। गंभीर मामले मुख्य रूप से पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में देखे जा रहे हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक, चांदीपुरा वायरस बच्चों को इसलिए अधिक प्रभावित करता है क्योंकि इस उम्र में उनका मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र पूरी तरह विकसित नहीं होता। पांच साल से कम उम्र के बच्चों में ब्लड-ब्रेन बैरियर भी पूरी तरह मजबूत नहीं होता, जिससे वायरस आसानी से मस्तिष्क तक पहुंचकर सूजन और गंभीर क्षति पहुंचा सकता है। यह स्थिति बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास, जैसे बोलने, चलने-फिरने और सीखने की क्षमता पर भी असर डाल सकती है।
विशेषज्ञों ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों में तेज बुखार, दौरे, अत्यधिक सुस्ती या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।
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