आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी का संदेश: 8 आतंकी ठिकानों पर पैनी नजर, सेना करेगी निर्णायक कार्रवाई
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि पाकिस्तान के 8 आतंकी कैंपों पर भारतीय सेना की नजर है। सेना ने 2026 को नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी का वर्ष घोषित किया।
- सेना ने 2026 को ‘नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी का वर्ष’ घोषित किया, पाकिस्तान के 8 आतंकी कैंपों पर कड़ी नजर
- भारतीय सेना अलर्ट मोड में: पाकिस्तान के 8 आतंकी कैंप निगरानी में, 2026 होगा नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी का वर्ष
- आर्मी चीफ उपेंद्र द्विवेदी का संदेश: 8 आतंकी ठिकानों पर पैनी नजर, सेना करेगी निर्णायक कार्रवाई
- राष्ट्रीय सुरक्षा पर बड़ा अपडेट: सेना ने 2026 को नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी का वर्ष किया घोषित
- पाकिस्तान को कड़ा संदेश: 8 आतंकी कैंप रडार पर, भारतीय सेना तेज कर रही है आधुनिकीकरण
- आर्मी डे से पहले बड़ा खुलासा: सेना की नजर में पाकिस्तान के आतंकी कैंप, 2026 होगा हाई-टेक युद्ध का साल
नई दिल्ली,अचल वार्ता। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान की सरजमीं पर स्थित 8 आतंकी प्रशिक्षण शिविरों पर भारतीय सेना और खुफिया एजेंसियों की लगातार पैनी नजर बनी हुई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन कैंपों से किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि सामने आती है तो भारतीय सेना बिना देर किए सख्त और निर्णायक कार्रवाई करेगी।
आर्मी डे से पहले सेना प्रमुख की अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस
जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने यह बातें 13 जनवरी, मंगलवार को मानेकशॉ सेंटर में आयोजित वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस 15 जनवरी को मनाए जाने वाले आर्मी डे से पहले आयोजित की गई थी। इस दौरान उन्होंने देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा स्थिति, सीमाओं पर हालात, सेना के आधुनिकीकरण और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से जानकारी दी।
एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आतंकी ठिकानों की निगरानी
सेना प्रमुख ने बताया कि नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के सामने मौजूद आतंकी ठिकानों पर चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ओर से किसी भी तरह की गलती का जवाब कड़ा और निर्णायक होगा।
मणिपुर और पूर्वोत्तर में सुधरते हालात
पूर्वोत्तर भारत की स्थिति पर बोलते हुए जनरल द्विवेदी ने कहा कि मणिपुर में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। सुरक्षा बलों और सरकार के समन्वित प्रयासों से स्थिति में सुधार आया है।
उन्होंने यह भी कहा कि म्यांमार में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग और बेहतर होगा, जिससे सीमा सुरक्षा और मजबूत होगी।
चीन सीमा पर हालात सामान्य, सतर्कता बरकरार
उत्तरी सीमा पर चीन के साथ स्थिति को लेकर सेना प्रमुख ने कहा कि हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। उच्च स्तर की कूटनीतिक और सैन्य बातचीत से स्थिति स्थिर बनी हुई है, हालांकि सेना पूरी सतर्कता के साथ तैनात है।
ऑपरेशन सिंदूर जारी, कश्मीर में हाई अलर्ट
जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर उन्होंने कहा कि पहलगाम हमले के बाद मात्र 22 मिनट में ‘ऑपरेशन रीसेट’ के तहत कार्रवाई की गई थी।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी भी जारी है और सुरक्षा बल पूरी तरह अलर्ट मोड पर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान की परमाणु धमकियों को भारत की प्रभावी रणनीति ने निष्प्रभावी कर दिया है।
आधुनिकीकरण और स्वदेशीकरण पर जोर
सेना प्रमुख ने बताया कि भारतीय सेना तेजी से आधुनिकीकरण की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्नत ब्रह्मोस मिसाइल, अत्याधुनिक ड्रोन और लॉयटरिंग म्यूनिशन जल्द ही सेना की ताकत बढ़ाएंगे।
उन्होंने गर्व के साथ कहा कि सेना के 90 प्रतिशत से अधिक गोला-बारूद का निर्माण अब स्वदेशी स्तर पर किया जा रहा है।
सेना में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी
महिलाओं की भर्ती को लेकर उन्होंने बताया कि सीएमपी के बाद अब आर्मी एजुकेशनल कोर (AEC) और मेडिकल (नॉन-टेक्निकल) में महिलाओं को सैनिक और अग्निवीर के रूप में शामिल किया जाएगा।
2026: नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी का वर्ष
अंत में जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने घोषणा की कि भारतीय सेना ने 2026 को ‘नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी का वर्ष’ घोषित किया है। इसका उद्देश्य रियल-टाइम निर्णय क्षमता को मजबूत करना और युद्धक प्रभावशीलता को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है।
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