सोनीपत, अचल वार्ता। उपायुक्त नेहा सिंह के दिशा-निर्देशन में शनिवार को जिले के सभी खंडों के विद्यालयों में श्रमदान दिवस एवं स्वच्छता अभियान उत्साह, जोश और सामूहिक सहभागिता के साथ आयोजित किया गया। अभियान के दौरान विद्यालय परिसरों में स्वच्छता, साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण की गतिविधियां की गईं। इस दौरान विद्यालय परिवार के साथ-साथ ग्राम पंचायत, विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) तथा स्थानीय समुदाय ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
*विद्यालय मुखियाओं ने स्वयं आगे बढ़कर किया श्रमदान*
स्वच्छता अभियान के दौरान विद्यालय मुखियाओं ने स्वयं आगे बढ़कर श्रमदान करते हुए अभियान का नेतृत्व किया। अध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने भी पूरे उत्साह के साथ विद्यालय परिसर, कक्षाओं, बरामदों, खेल मैदान, पेयजल स्थलों तथा आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई की। साथ ही विद्यालय परिसर को स्वच्छ, सुंदर एवं व्यवस्थित बनाने के लिए आवश्यक गतिविधियां की गईं।
*ग्राम पंचायत और एसएमसी सदस्यों ने दिया पूरा सहयोग*
अभियान में एसएमसी सदस्यों एवं ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी भी विशेष रूप से देखने को मिली। कई विद्यालयों में ग्रामीणों एवं एसएमसी सदस्यों ने अपने निजी साधनों, जैसे ट्रैक्टर, रेहड़ी आदि का उपयोग करते हुए विद्यालय परिसर से कूड़ा-कचरा एवं अनावश्यक सामग्री हटाने में सहयोग दिया। इससे विद्यालय और समुदाय के बीच सहभागिता एवं सहयोग की भावना को और मजबूती मिली।
*विद्यार्थियों को स्वच्छता एवं सामाजिक जिम्मेदारी का दिया संदेश*
इस अवसर पर विद्यार्थियों को स्वच्छता, व्यक्तिगत साफ-सफाई, पर्यावरण संरक्षण तथा सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक किया गया। विद्यार्थियों ने श्रमदान के माध्यम से यह संदेश दिया कि स्वच्छता केवल एक दिन का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर अपनाई जाने वाली जीवनशैली और सामूहिक जिम्मेदारी है।
विद्यालय परिवार, एसएमसी सदस्यों एवं ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने संकल्प लिया कि वे श्रमदान दिवस के बाद भी नियमित रूप से विद्यालय परिसर को स्वच्छ, सुंदर एवं हरा-भरा बनाए रखने के लिए निरंतर प्रयास करेंगे।
*‘स्वच्छ विद्यालय-स्वस्थ विद्यार्थी’ की भावना हुई मजबूत*
जिले के सभी विद्यालयों में आयोजित इस सामूहिक अभियान से स्वच्छ विद्यालय-स्वस्थ विद्यार्थी की भावना को मजबूती मिली। अभियान ने विद्यार्थियों में स्वच्छता, अनुशासन, सामाजिक जिम्मेदारी और सामुदायिक सहभागिता के संस्कार विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
उपायुक्त नेहा सिंह ने कहा कि स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखकर इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है। विद्यालय बच्चों में स्वच्छता एवं जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के सबसे महत्वपूर्ण केंद्र हैं। उन्होंने अभियान में सक्रिय भागीदारी करने वाले विद्यालय मुखियाओं, अध्यापकों, विद्यार्थियों, एसएमसी सदस्यों, ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों की सराहना करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ एवं स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री नवीन गुलिया ने भी सभी विद्यालयों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें व्यवहार में भी इसे अपनाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का श्रमदान भविष्य में स्वच्छता की स्थायी आदत का आधार बनेगा।