शक्सगाम घाटी में चीन के निर्माण कार्य पर सियासी घमासान, कांग्रेस का BJP पर ‘दोहरे संदेश’ देने का आरोप

शक्सगाम घाटी में चीन के निर्माण कार्य को लेकर कांग्रेस और बीजेपी आमने-सामने हैं। कांग्रेस ने BJP पर चीन को दोहरे संदेश देने और राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने का आरोप लगाया।

Jan 13, 2026 - 21:14
Jan 23, 2026 - 23:11
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शक्सगाम घाटी में चीन के निर्माण कार्य पर सियासी घमासान, कांग्रेस का BJP पर ‘दोहरे संदेश’ देने का आरोप

नई दिल्ली,अचल वार्ता। जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी में चीन द्वारा कथित निर्माण कार्य को लेकर देश में नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर चीन को “दोहरे संदेश” देने और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर लापरवाही बरतने का गंभीर आरोप लगाया है। यह विवाद उस समय और गहरा गया जब दिल्ली में बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) के प्रतिनिधिमंडल के बीच बैठक की खबर सामने आई।

कांग्रेस ने उठाए बैठक के समय और मंशा पर सवाल...

कांग्रेस ने बीजेपी और सीसीपी के बीच हुई बैठक के समय और स्वरूप पर सवाल खड़े करते हुए इसे भारत की संप्रभुता से समझौता करार दिया है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने शक्सगाम घाटी में चीन के कथित निर्माण कार्य को “गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा चिंता” बताया।

उन्होंने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया कि चीन ने जम्मू-कश्मीर की शक्सगाम घाटी पर अवैध कब्जा कर रखा है और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) के तहत वहां निर्माण गतिविधियां चला रहा है।

‘लद्दाख के बाद शक्सगाम तक कैसे पहुंचा चीन ? ’

सुप्रिया श्रीनेत ने सवाल उठाया कि लद्दाख के बाद चीन शक्सगाम घाटी तक कैसे पहुंच गया। उन्होंने बीजेपी नेताओं और सीसीपी के बीच बैठक की तुलना “अरुणाचल में गांव बसाने और दिल्ली में गले मिलने” से की। साथ ही, उन्होंने इस पूरे मामले पर मुख्यधारा मीडिया की चुप्पी पर भी सवाल खड़े किए।

बीजेपी ने दी सफाई, बताया अंतर-पार्टी संवाद

बीजेपी ने इस बैठक की पुष्टि करते हुए इसे अंतर-पार्टी संवाद का हिस्सा बताया है। पार्टी के विदेश मामलों के प्रभारी विजय चौथाईवाले ने कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का प्रतिनिधिमंडल, जिसकी अगुवाई एचई सुन हैयान कर रहे थे, बीजेपी मुख्यालय आया था।

उन्होंने बताया कि बैठक में भारत-चीन के बीच पार्टी-स्तरीय सहयोग और संवाद बढ़ाने पर चर्चा हुई। इस प्रतिनिधिमंडल में भारत में चीनी राजदूत एचई जू फेइहोंग भी शामिल थे।

पुराने आरोप-प्रत्यारोप भी आए सामने

इस विवाद के बीच भारत-चीन संबंधों को लेकर पुरानी राजनीतिक तनातनी की यादें भी ताज़ा हो गईं। वर्ष 2020 में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर 2008 में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर कर राष्ट्रीय हित से समझौता करने का आरोप लगाया था।

नड्डा ने तब कहा था कि कांग्रेस ने चीन के साथ समझौते किए, डोकलाम जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चुप्पी साधी और सशस्त्र बलों का मनोबल गिराने का प्रयास किया।

शक्सगाम घाटी की सामरिक अहमियत..

शक्सगाम घाटी सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस क्षेत्र में चीन का निर्माण कार्य भारतीय सीमाओं पर उसकी सैन्य निगरानी और क्षमता को मजबूत कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह गतिविधियां क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक खतरा पैदा कर सकती हैं।

राजनीतिक आरोपों के बीच बढ़ी सुरक्षा चिंता...

कांग्रेस और बीजेपी के बीच चल रही राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच शक्सगाम घाटी की सुरक्षा और भारत-चीन संबंधों को लेकर चिंता और गहरी हो गई है। यह विवाद संकेत देता है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति और विदेश नीति की बहस के केंद्र में बना रह सकता है।

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