नैनो उर्वरक जागरूकता अभियान की शुरुआत
कुशीनगर , अचल वार्ता । उत्तर प्रदेश के जनपद कुशीनगर में भी इस अभियान के तहत अप्रैल माह से ही कृषक गोष्ठी और प्रक्षेत्र प्रदर्शन के माध्यम से कृषकों को जागरूक किया जाएगा जिसमें कृषकों को नैनो डीएपी से बीज शोधन,जड़ शोधन एवं पत्तियां आने पर नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, नैनो जिंक के छिड़काव के बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी जिससे कि पारंपरिक उर्वरकों पर निर्भरता को कम किया जा सके।
उल्लेखनीय है कि नैनो यूरिया प्लस की 208.26 लाख बोतलें पारंपरिक यूरिया के 9.37 लाख मीट्रिक टन के बराबर हैं, जबकि नैनो DAP की 57.89 लाख बोतलें DAP के 2.89 लाख मीट्रिक टन के बराबर हैं, जिससे देश को लॉजिस्टिक्स, ऊर्जा और आयात लागत मेंs भारी बचत हो रही है।
इफको की नैनो उर्वरक श्रृंखला में नैनो यूरिया प्लस, नैनो DAP, नैनो NPK (लिक्विड और ग्रेन्युलर), नैनो जिंक, नैनो कॉपर और जैव-उत्तेजक ‘धरा अमृत’ शामिल हैं। ‘धरा अमृत’ — जो अमीनो एसिड, एल्जिनिक एसिड, ह्यूमिक एसिड, आवश्यक खनिज और केले के रस से समृद्ध है — लॉन्च के बाद से किसानों में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इफको का कर-पूर्व लाभ ₹4,200 करोड़ के ऐतिहासिक स्तर से अधिक रहने का अनुमान है। नैनो तकनीक, ड्रोन तकनीक, AI और डेटा विश्लेषण में निरंतर नवाचार के माध्यम से इफको भारत के कृषि-खाद्य क्षेत्र को रूपांतरित कर रहा है और ‘सहकार से समृद्धि’ के लक्ष्य को आगे बढ़ा रहा है।
यह कार्यक्रम इफको सदन, नई दिल्ली में आयोजित किया गया।
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