भारत–किर्गिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास खंजर-13 , असम मिसामारी | आतंकवाद विरोधी रणनीति 2026 Meta

भारत और किर्गिस्तान के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘खंजर-13’ 4 से 17 फरवरी 2026 तक असम के मिसामारी में आयोजित होगा। शहरी युद्ध, आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन और विशेष बलों की ट्रेनिंग पर रहेगा फोकस

Feb 2, 2026 - 20:29
Feb 14, 2026 - 21:12
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भारत–किर्गिस्तान संयुक्त सैन्य अभ्यास खंजर-13 , असम मिसामारी | आतंकवाद विरोधी रणनीति 2026  Meta

नई दिल्ली, अचल वार्ता। भारत और किर्गिस्तान आतंकवाद के खिलाफ अपनी रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती देने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठा रहे हैं। दोनों देशों के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘खंजर-13’ का 13वां संस्करण 4 से 17 फरवरी 2026 तक असम के मिसामारी सैन्य क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा।

यह अभ्यास भारत और किर्गिस्तान के विशेष बलों (Special Forces) के बीच आपसी तालमेल, सामरिक रणनीति और संयुक्त संचालन क्षमताओं को नई धार देगा।

आतंकवाद विरोधी अभियानों पर होगा विशेष फोकस

संयुक्त सैन्य अभ्यास खंजर-13 का प्रमुख उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र के जनादेश के तहत शहरी युद्ध और आतंकवाद विरोधी अभियानों में संयुक्त ऑपरेशनों की तैयारी को मजबूत करना है।

इस अभ्यास के दौरान दोनों देशों के विशेष बल जटिल शहरी परिस्थितियों में साझा रणनीति विकसित करेंगे और एक-दूसरे के युद्ध अनुभवों से सीखेंगे।

विशेष बलों की उन्नत ट्रेनिंग बनेगी अभ्यास की रीढ़

खंजर-13 में आधुनिक और उच्च स्तरीय सैन्य प्रशिक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसमें शामिल हैं—

  • स्नाइपिंग ऑपरेशन
  • क्लोज क्वार्टर बैटल (CQB)
  • कठिन बिल्डिंग इंटरवेंशन
  • माउंटेन क्राफ्ट और पहाड़ी युद्ध तकनीक

शहरी और पहाड़ी इलाकों में संयुक्त अभ्यास से दोनों सेनाओं की वास्तविक युद्ध परिस्थितियों में समन्वय क्षमता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

सांस्कृतिक आदान-प्रदान से बढ़ेगा आपसी भरोसा

कठोर सैन्य अभ्यास के साथ-साथ सांस्कृतिक आदान-प्रदान भी खंजर-13 का अहम हिस्सा रहेगा। इससे दोनों देशों के सैनिकों को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली को समझने का अवसर मिलेगा, जो दीर्घकालिक सैन्य सहयोग के लिए अत्यंत आवश्यक माना जाता है।

क्षेत्रीय सुरक्षा और द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूती

संयुक्त सैन्य अभ्यास खंजर-13 भारत और किर्गिस्तान को अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद, उग्रवाद और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने का एक प्रभावी मंच प्रदान करता है।

यह अभ्यास न केवल दोनों देशों की सैन्य क्षमताओं को बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता को भी स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

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