हरदोई: बिलग्राम तहसील में विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन, बुजुर्गों के अधिकारों से लेकर श्रमिक कल्याण तक दी गई जानकारी

Jun 17, 2026 - 15:40
Jun 17, 2026 - 18:11
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हरदोई: बिलग्राम तहसील में विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन, बुजुर्गों के अधिकारों से लेकर श्रमिक कल्याण तक दी गई जानकारी

बिलग्राम, हरदोई, अचल वार्ता। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदोई के तत्वावधान में बुधवार को तहसील सभागार बिलग्राम में दो विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों में बुजुर्गों के अधिकार, कानूनी संरक्षण, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के अधिकार, पर्यावरण संरक्षण एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसील प्रशासनिक अधिकारी साधना सिंह ने की। उन्होंने कहा कि समाज में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान और सुरक्षा को सुनिश्चित करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम-2007 बुजुर्गों को आर्थिक, सामाजिक और कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है। यदि कोई संतान या परिजन संपत्ति प्राप्त करने के बाद बुजुर्गों की उपेक्षा करता है तो अधिनियम की धारा-23 के तहत संपत्ति हस्तांतरण को निरस्त कराया जा सकता है। साथ ही वरिष्ठ नागरिक अपनी संपत्ति से दुर्व्यवहार करने वाले रिश्तेदारों को बेदखल कराने का अधिकार भी रखते हैं।

शिविर में लीगल एड क्लीनिक के आशीष तिवारी ने बताया कि वरिष्ठ नागरिक जिला स्तर पर मेंटेनेंस ट्रिब्यूनल में शिकायत दर्ज कराकर भरण-पोषण की मांग कर सकते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के माध्यम से मिलने वाली नि:शुल्क कानूनी सहायता, मुफ्त अधिवक्ता तथा न्यायालय शुल्क में छूट जैसी सुविधाओं की जानकारी दी। साथ ही एल्डरलाइन हेल्पलाइन 14567 और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से उपलब्ध सहायता तंत्रों पर भी प्रकाश डाला।

दूसरे सत्र में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तथा पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा की गई। साधना सिंह ने बताया कि रेहड़ी-पटरी विक्रेता, घरेलू कामगार, निर्माण श्रमिक एवं अन्य असंगठित क्षेत्र के मजदूर देश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उनके लिए असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम-2008, ई-श्रम पोर्टल, दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य सुविधाएं तथा वृद्धावस्था पेंशन जैसी अनेक योजनाएं संचालित हैं। उन्होंने श्रमिकों से अधिकाधिक संख्या में ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने की अपील की।

पर्यावरण संरक्षण विषय पर उन्होंने कहा कि वृक्ष मानव जीवन के आधार हैं और पृथ्वी के संतुलन को बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।

आशीष तिवारी ने निर्माण श्रमिकों, प्रवासी मजदूरों तथा अन्य श्रमिक वर्गों के लिए लागू विशेष कानूनों और उनके अधिकारों की जानकारी देते हुए बताया कि नालसा के माध्यम से असंगठित क्षेत्र के श्रमिक भी नि:शुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

पीएलवी रूबी देवी ने विधवा पेंशन, वृद्धावस्था पेंशन, कन्या सुमंगला योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मातृत्व वंदना योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने नालसा के टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में भी लोगों को जागरूक किया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कर्मचारियों एवं आमजन को उनके अधिकारों, कानूनी उपायों तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी देकर लाभान्वित किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में तहसील कर्मियों एवं क्षेत्रीय नागरिकों ने सहभागिता की।

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