हरदोई : महिला लेखपाल ने एसडीएम पर लगाए गंभीर आरोप ।
हरदोई, अचल वार्ता । शाहाबाद तहसील में कार्यालय में नियमित रूप से शासकीय कार्य करने के निर्देश के बाद शुरू हुआ विवाद अब पुलिस और प्रशासन तक पहुंच गया है। तहसील में तैनात महिला लेखपाल पूजा देवी ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सुशील कुमार मिश्रा पर छेड़छाड़, जातिसूचक टिप्पणी, अभद्र व्यवहार और निलंबन की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
महिला लेखपाल ने कोतवाली शाहाबाद में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। वहीं, एसडीएम ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। मामले में दोनों पक्षों के बयान सामने आने के बाद यह पूरे जिले में चर्चा का विषय बन गया है। जानकारी के अनुसार, एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा ने महिला लेखपाल को नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित रहकर शासकीय कार्य करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में सोमवार शाम उन्हें अपने कार्यालय कक्ष में बुलाया गया।
महिला लेखपाल का आरोप है कि बातचीत के दौरान एसडीएम ने उनकी जाति पूछी, निजी कार्य करने का दबाव बनाया और विरोध करने पर उनके साथ छेड़छाड़ व अभद्र व्यवहार किया। उनका यह भी आरोप है कि शिकायत करने पर उन्हें निलंबित कराने की धमकी दी गई। घटना के बाद महिला लेखपाल सीधे कोतवाली शाहाबाद पहुंचीं और एसडीएम के विरुद्ध तहरीर देकर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की मांग की। उनका कहना है कि बिलग्राम तहसील से शाहाबाद स्थानांतरण के बाद से ही उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था और यह घटना उसी क्रम की कड़ी है।
मामले की जानकारी मिलने पर महिला लेखपाल के पिता एवं शाहाबाद तहसील में अधिवक्ता राकेश कुमार वर्मा अपने साथी अधिवक्ताओं के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। महिला लेखपाल का कहना है कि एसडीएम ने उनके पिता के साथ भी अभद्र व्यवहार किया तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें कार्यालय से बाहर निकलवा दिया। इस पूरे घटनाक्रम के वीडियो और दोनों पक्षों के बयान सामने आने के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
दूसरी ओर, एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्होंने महिला लेखपाल को केवल शासकीय कार्य के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए थे। उनके अनुसार, कुछ लोग कार्यालय में पहुंचकर सरकारी कार्य में व्यवधान उत्पन्न करने लगे और अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग करते हुए कहा कि जांच में सत्य सामने आ जाएगा।
गौरतलब है कि शाहाबाद तहसील इससे पहले भी विवादों को लेकर सुर्खियों में रह चुकी है। परियल गांव स्थित अन्नपूर्णा भवन की जांच के दौरान हुए विवाद में एसडीएम सुशील कुमार मिश्रा घायल हो गए थे और उनके सिर में चोट आई थी। उस घटना ने भी जिले में काफी चर्चा बटोरी थी।
अब महिला लेखपाल द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद एक बार फिर शाहाबाद तहसील का प्रशासनिक माहौल चर्चा के केंद्र में आ गया है ।
फिलहाल पुलिस ने महिला लेखपाल की तहरीर प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई और आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी ।
- लक्ष्मीकांत पाठक
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