अयोध्या: मिल्कीपुर में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप, लेखपाल पर संरक्षण देने के गंभीर आरोप
अयोध्या के मिल्कीपुर क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। गाटा संख्या 1555 पर निर्माण कराने के आरोपों में लेखपाल की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है। प्रशासन ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अयोध्या, अचल वार्ता। अयोध्या जनपद के मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मामला सामने आने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। कुमारगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत पुरे नेमा बंवा, कुमारगंज गांव में नवीन परती भूमि पर दबंगों द्वारा किए गए कथित अवैध निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
सरकारी गाटा संख्या 1555 पर अवैध निर्माण का आरोप...
गांव निवासी देवनाथ पुत्र राम लखन ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया कि गांव के ही निवासी अरविंद कुमार पुत्र राम मिलन ने सरकारी भूमि गाटा संख्या 1555 पर अवैध रूप से निर्माण करा लिया है। पीड़ित का दावा है कि इस पूरे मामले में ग्राम लेखपाल ज्ञान प्रकाश द्विवेदी की भूमिका संदिग्ध है और भारी धनराशि लेकर अवैध कब्जे को संरक्षण दिया गया।
आवागमन का रास्ता हुआ बंद, ग्रामीण परेशान...
देवनाथ ने बताया कि जिस सरकारी भूमि पर निर्माण किया गया है, उसी रास्ते से चक में आने-जाने का मार्ग था, जो अब पूरी तरह बंद हो गया है। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित के अनुसार, लगभग एक वर्ष बीतने के बावजूद अब तक अवैध कब्जा मुक्त नहीं कराया गया।
शिकायतों के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई...
पीड़ित ने बताया कि इस मामले की शिकायत तहसील स्तर से लेकर जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री पोर्टल तक की गई, लेकिन हर बार जांच का जिम्मा उसी लेखपाल को सौंप दिया गया, जिन पर संरक्षण देने का आरोप है। इसके चलते कथित तौर पर गलत रिपोर्ट लगाकर मामले को दबाया जाता रहा।
लेखपाल की भूमिका पर उठे सवाल...
सरकारी जमीन की निगरानी और अवैध कब्जों को रोकना राजस्व विभाग की प्रमुख जिम्मेदारी होती है। ऐसे में लेखपाल पर अवैध कब्जा करवाने का आरोप लगना प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ही भ्रष्टाचार में लिप्त होंगे, तो सरकारी संपत्तियों पर दबंगों का कब्जा रुकना मुश्किल है।
प्रशासन ने लिया संज्ञान, कार्रवाई के निर्देश..
मामले में एसडीएम ने संज्ञान लेते हुए कहा है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कराकर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीणों की मांग...
ग्रामीणों और पीड़ित परिवार ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस प्रकरण की जांच उच्च अधिकारियों से कराई जाए और नवीन परती भूमि को कब्जा मुक्त कराकर सार्वजनिक रास्ते को फिर से चालू किया जाए, ताकि आवागमन सुचारू रूप से हो सके।
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