अयोध्या में उमड़ा आस्था का सैलाब, बारिश भी न तोड़ सकी श्रद्धालुओं का हौसला

Oct 30, 2025 - 12:58
Nov 14, 2025 - 22:17
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  • बड़ी संख्या में श्रद्धालु कर रहे हैं 14 कोसी परिक्रमा

अयोध्या,अचल वार्ता । रामनगरी अयोध्या एक बार फिर आस्था के रंग में रंगी हुई है। कार्तिक मास की अक्षय नवमी तिथि पर शुरू हुई 42 किलोमीटर लंबी 14 कोसी परिक्रमा में गुरुवार तड़के ही श्रद्धालुओं का सैलाब आ​स्था की डगर पर निकल पड़ा । हालांकि सुबह से हो रही बारिश भी परिक्रमार्थियों कीआस्था को डिगा न सका। हाल यह रहा की पुरे परिक्रमा पथ पर जय श्रीराम का उदघोष गूंजता रहा। बारिश के बीच नंगे पाँव चल रहा हर श्रद्धालु केवल अपने आराध्य की भक्ति में लीं दिखाई दिया। 

 गुरुबार सुबह से लगातार बारिश हो रही है। कई जगह जलभराव और कीचड़ ने मार्ग को दुर्गम बना दिया है। इसके बावजूद श्रद्धालुओं के कदम नहीं रुके। स्थिति यह रही की श्रद्धालु पॉलीथिन, बोरी और तिरपाल ओढ़े हुए नंगे पांव आगे बढ़ रहे हैं। वहीँ परिक्रमा पथ पर चल रहे कई श्रद्धालु रज (मिट्टी) माथे पर लगाकर आशीर्वाद लेकर और हाथ जोड़कर प्रभु श्रीराम से अपने पापों से मुक्ति की कामना करते हैं। वाही परिक्रमा के दौरान किसी श्रद्धालु को कई परेशानी न हो इसके लिए पुलिस और जिला प्रशासन की और से सुरक्षा और व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। परिक्रमा मार्ग की ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है।  जिला प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, ट्रैफिक नियंत्रण और स्वास्थ्य सेवाओं की विशेष व्यवस्था की है इसके अलावा परिक्रमा मार्ग पर पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा और रैन बसेरा केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। धार्मिक महत्व  के अनुसार कार्तिक महीने में अयोध्या में 14 कोसी और पंचकोसी परिक्रमा करने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। मान्यता है कि परिक्रमा का हर एक कदम जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति दिलाता है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करता है। 14 कोसी परिक्रमा अयोध्या की धार्मिक परिधि को घेरे हुए लगभग 42 किलोमीटर लंबी है।यह परिक्रमा अक्षय नवमी के दिन आरंभ होती है और अगले दिन समाप्त होती है।इस वर्ष पंचांग के अनुसार,14 कोसी परिक्रमा 30 अक्टूबर तड़के 4:51 बजे शुरू हुई,जो 31 अक्टूबर तड़के 4:40 बजे तक चलेगी। इसके 24 घंटे बाद 1 नवंबर को देव उठनी एकादशी पर पंचकोसी परिक्रमा आरंभ होगी,जो 2 नवंबर रात 2:57 बजे तक चलेगी।

परिक्रमा में दिखा सेवा और श्रद्धा का संगम 

परिक्रमा के दौरान अनेक सेवा समितियां और स्वयंसेवी संस्थाएं श्रद्धालुओं के लिए भोजन, चाय और पानी की व्यवस्था कर रही हैं। मार्ग के किनारे जगह-जगह भजन-कीर्तन और राम नाम संकीर्तन का दौर चल रहा है।स्थानीय लोग अपने घरों के बाहर दीप जलाकर और प्रसाद वितरण कर श्रद्धालुओं का स्वागत कर रहे हैं।आस्था और भक्ति का अनुपम संगम अयोध्या की गलियों और परिक्रमा मार्गों पर भक्ति का जोश साफ झलक रहा है।बारिश के बीच भी श्रद्धालु जिस समर्पण से परिक्रमा कर रहे हैं, वह इस पावन नगरी की आस्था की अटूट शक्ति का प्रतीक है।14 कोसी परिक्रमा के समापन के बाद, 1 नवंबर से शुरू होने वाली पंचकोसी परिक्रमा के लिए भी श्रद्धालुओं में उत्साह चरम पर है। अयोध्या फिलहाल पूरी तरह राममय हो चुकी है।

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