उन्नाव : पिता की कलयुगी बेटे ने की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या, खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर थाने पहुंचा आरोपी

Jul 6, 2026 - 07:12
Jul 6, 2026 - 12:02
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उन्नाव : पिता की कलयुगी बेटे ने की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या, खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर थाने पहुंचा आरोपी

उन्नाव, अचल वार्ता। औरास। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में शनिवार रात रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई। औरास थाना क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के हैदराबाद मंडल अध्यक्ष प्रमोद रावत उर्फ रेवती (58) की उनके ही बड़े बेटे ने कथित रूप से कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी खून से सनी कुल्हाड़ी लेकर सीधे थाने पहुंच गया और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

पुलिस के अनुसार, प्रमोद रावत शनिवार रात करीब आठ बजे गांव से लगभग 600 मीटर दूर अपने द्वारा बनवाए गए शनि मंदिर में पूजा-अर्चना करने गए थे। इसी दौरान उनका बड़ा बेटा सोनेलाल रावत वहां पहुंचा और कथित रूप से गर्दन, जबड़े और शरीर के अन्य हिस्सों पर कुल्हाड़ी से कई वार कर दिए। हमला इतना निर्मम था कि घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मंदिर के पास मौजूद एक युवक ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उस पर भी हमला करने का प्रयास किया। जान बचाकर भागे युवक ने गांव पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए।

ग्रामीणों के मुताबिक, पिता की हत्या के बाद आरोपी अपनी मां की भी हत्या करने के इरादे से घर पहुंचा था, लेकिन तब तक उसकी मां देशकुमारी घटनास्थल के लिए निकल चुकी थीं। इसके बाद आरोपी सीधे औरास थाने पहुंचा और खून से सनी कुल्हाड़ी पुलिस के हवाले करते हुए खुद को समर्पित कर दिया। पुलिस ने उसे तत्काल हिरासत में ले लिया।

मृतक की पत्नी देशकुमारी ने बताया कि चार बेटों में सबसे बड़ा सोनेलाल पिछले कई वर्षों से अपनी पत्नी किशाना से विवाद के कारण अलग रह रहा था। लगभग छह महीने पहले दोनों का आपसी सहमति से संबंध विच्छेद हो गया था। परिवार का आरोप है कि सोनेलाल इस अलगाव के लिए अपने माता-पिता को जिम्मेदार मानता था और इसी कारण उनसे रंजिश रखता था।

परिजनों के अनुसार, आरोपी लगातार पैतृक जमीन और संपत्ति के बंटवारे की मांग कर रहा था। उसके पिता का कहना था कि संपत्ति का बंटवारा उनके जीवनकाल में नहीं होगा, बल्कि मृत्यु के बाद चारों बेटों में किया जाएगा। इसी बात को लेकर वह अक्सर विवाद करता था और माता-पिता को ताने देता था। बताया जा रहा है कि चंडीगढ़ से गांव लौटने के बाद भी वह इसी बात को लेकर नाराज था।

परिवार के मुताबिक, सोनेलाल चंडीगढ़ में रैपिडो चलाता था। करीब दस दिन पहले वह गांव आने के लिए निकला था, लेकिन पहले अपनी ससुराल लखनऊ के बंथरा क्षेत्र गया और वहां से छह दिन पहले गांव पहुंचा। गांव आने के बाद वह अधिकतर समय उसी शनि मंदिर के आसपास बिताता था, जहां उसके पिता नियमित रूप से हर शनिवार दीपक जलाने जाते थे।

प्रारंभिक जांच में पुलिस का मानना है कि आरोपी को यह जानकारी थी कि उसके पिता हर शनिवार शाम निश्चित समय पर मंदिर पहुंचते हैं। इसी कारण उसने कथित रूप से पहले से योजना बनाकर मंदिर में उनकी प्रतीक्षा की और जैसे ही वे पूजा के लिए झुके, उन पर लगातार कुल्हाड़ी से वार कर दिए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। वहीं, औरास थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी की मानसिक स्थिति को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।

इस जघन्य वारदात ने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। पारिवारिक विवाद, वैवाहिक तनाव और संपत्ति को लेकर बढ़ते संघर्ष के बीच हुई यह हत्या एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि पारिवारिक मतभेद जब संवाद से नहीं सुलझते, तो उनके परिणाम कितने भयावह हो सकते हैं।

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