विपक्ष को देशहित में निर्णय लेना चाहिए

Aug 11, 2025 - 08:36
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विपक्ष को देशहित में निर्णय लेना चाहिए

          "संजय गोस्वामी"

  विश्वभर में महिलाओं के प्रति हिंसा में बढ़ोतरी हुई है जिसमें भारत में भी महिलाओ के प्रति हिंसा हुई है राखी में हर भारतीय का दायित्व है अपने बहन की रक्षा करें जैसे संसद में राहुल गाँधी और उनकी बहन प्रियंका गाँधी दोनों मिल कर सरकार पर तबाड़ तोड़ हमला कर रहें है कहीं सभी विरोधी पार्टी एक जुट होकर सरकार गिराने का प्रयास कर रहें हैं और चुनाव में धांधली का आरोप लगा रहें है अब एक साल बाद करने से आपकी पार्टी की ही बदनामी होगी जिस तरह विपक्ष के नेता चुनाव पर धांधली का आरोप वो भी 30 सीटों पर करना समय की बर्बादी होगा जो होता है वो काउंटिंग सेंटर पर होता है जहाँ विपक्षी पार्टियों के एजेंट भी रहते हैं राहुल गाँधी के कारण ही कांग्रेस पार्टी कमजोर हुई है क्योंकि उनकी बॉडीलैंग्वेज से विपक्ष को फायदा होता है और सत्ता में आती है कभी मोदीजी चोर हैं कभी सेना पर सवाल खड़े करना जायज नहीं है यही नहीं विदेश में लोकतंत्र की हत्या का हवाला देना भी देश के लोकतान्त्रिक ढांचे को कमजोर करता है और इसका फायदा दूसरे देश उठाते है किसी चीज को पहले समझें उसका पुख्ता सबूत है तो कोर्ट का दरवाजा खुला है पब्लिक क्या करेगी आज जब आप देश दुनिया की खबर रखते हैं तो उस पर आवाज़ उठा दीजिये विदेश में नारी के प्रति हिंसा होती है तो देश से ऊपर उठ कर आवाज़ उठाएं और उसकी तुलना भारत से करेंगे तो मालूम होगा एन डी ए में महिलाओ का सबसे अधिक वोट मोदीजी को जाता है और दिल्ली में मुख्यमंत्री भी महिला है और देश की महामाहिम राष्ट्रपति भी महिला है । अतः अब जब आम आदमी पार्टी के आपके गठबंधन से उसकी लोहे जैसी सरकार टूट गई तो कौन आपसे गठबंधन करेगा बिहार में महागठबंधन की सरकार 2020 में इसलिए नहीं बन पाई की कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़ी और मात्र 20 सीट ही मिल पाई और इसपर आर जे डी के प्रवक्ता श्री शिवा नन्द तिवारी ने यहाँ तक कह दिया कि कांग्रेस सिर्फ अधिक सीट लेना चाहती है लेकिन जितना जानना नहीं चाहती है पहले आप के यू पी ए सरकार में अपराध और भरस्टाचार के खिलाफ राम लीला मैदान से आपकी सरकार के खिलाफ अण्णा हजारे ने भूख हड़ताल की थी अभी कहाँ है राहुल गाँधी के बोलने की कला खुद आपके पार्टी के नेता को ठीक नहीं लगता है और आपके ही सांसद शशि थरूर का विचार मिल नहीं रहा है अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प के टैर्रीफ़ पर हॅसने लगते हैं जो आम आदमी से जुड़ा मुद्दा है कभी ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल खड़ा करते हैं बोलना बहुत आसान होता है करना मुश्किल ट्रम्प 79 साल के हैं और उनकी पत्नी 56 साल की है अधिकतर देखें जाती है आप भी अपना घर बसाने की कोशिश करें अब सत्ता मिलना मुश्किल है क्योंकि क्षेत्रीय पार्टी को दिल्ली में चुनाव परिणाम के बाद डर सा हो गया है अतः बंगाल में खुद आपके पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी तृणमूल कांग्रेस पर हमला बोलते रहते हैं महाराष्ट्र में भी आपके साथ जो सटा वो हट ही गया अतः चुनाव जितना है तो महिलाओ के बारे में उसकी सुरक्षा पर चिंता करें आपकी बोली पढ़े लिखे आदमी को शोभा नहीं देती और इसलिए मौका रहने पर भी जीत नहीं मिल रही है एक सभ्य आदमी जैसा जनता से बात करेंगे तो आप की गरिमा बढ़ेगी नहीं तो ऐसे सत्ता में आना मुश्किल है जहाँ तक 2024 लोक सभा के चुनाव के परिणाम पर है इलेक्शन कमीशन ने निष्पक्ष चुनाव कराया है क्योंकि उस समय एन डी ए 400 के पार बता रही थी और 291सीट पर सिमट गई वोटर लिस्ट चुनाव में विपक्षी पार्टियों के एजेंट भी देखते हैं और हर बूथ पर नजर डालते है और वह भी जिला प्रशासन का अनुमोदन होता है वो तो ऑनलाइन आप भी देख सकते हैं अतः इस पर चर्चा करना व्यर्थ है चीन से जमीन हड़पने के दावे को सुप्रीम कोर्ट ने अभी अभी आपको समझाया है अतः शांति से काम ले और केवल देश में ही नहीं विदेशों में महिलाओ के बारे में आवाज़ उठाऐंगे तो यहाँ की महिलाओ पर भरोसा होगा एक रिपोर्ट के अनुसार 4 प्रतिशत जापानी महिलाओं ने और 49 प्रतिशत पेरू के ग्रामीण इलाकों की महिलाओं ने उग्र शारीरिक हिंसा का अनुभव किया, जबकि अधिकांश देशों में यह प्रतिशत 13 और 26 के बीच में है। यदि महिलाओं के साथ आंशिक हिंसा का व्यवहार हुआ है तो इस बात की बड़ी भारी संभावना है कि किसी समय उनके साथ उग्र हिंसा का व्यवहार भी हो सकता है। केवल तीन देशों-बंगला देश, जापान, सर्बिया और मोन्टेनेग्रो में उन महिलाओं के साथ, जिनके साथ उग्र हिंसा का व्यवहार किया गया था, औसत दर्जे की हिंसा की समस्या का भी सामना करना पड़ा।

उन महिलाओं का अनुपात, जो अपने पुरुष साथियों की शारीरिक हिंसा से पीड़ित हुई, जापान में 13 प्रतिशत से लेकर पेरू के ग्रामीण क्षेत्रों मंे 61 प्रतिशत तक रहा। जापान में यौन हिंसा का प्रतिशत भी सबसे कम 6 प्रतिशत रहा, जबकि सबसे अधिक प्रतिशत 59 प्रतिशत इथियोपिया में रहा। कुल मिलाकर उन महिलाओं का प्रतिशत, जिनका उनके साथी के द्वारा यौन उत्पीड़न किया गया, जापान, सार्बिया और मोन्टेनेग्रो में 6 प्रतिशत और इथियोपिया में 59 प्रतिशत रहा। अधिकांश क्षेत्रों में यह प्रतिशत 10 और 50 प्रतिशत के बीच में रहा। उन महिलाओं का प्रतिशत, जिन्हें शारीरिक संभोग के लिए जबरन मजबूर किया गया, सर्बिया और मोन्टेनेग्रो में 4 प्रतिशत और बंग्लादेश और इथियोपिया के ग्रामीण क्षेत्रों में 46 प्रतिशत रहा। लगभग एक तिहाई इथियोपियन महिलाओं ने पिछले एक वर्ष में किसी साथी के द्वारा उनकी इच्छा के विरुद्ध यौन-संबंध बनाने की शिकायत की। जबरन यौन-संबंध की ऊंची दर एड्स की बीमारी और अधिकांश महिलाओं की अपने-आपको संक्रमण से न बचा पाने वाली कठिनाई के प्रकाश में विशेष रूप से चैंकाने वाली है। आज, पीड़ित महिलाओं की सहायता की आवश्यकता है।हमें विश्वभर में स्वास्थ्य के मामले में स्त्रियों और पुरुषों की लैंगिक समानता का समर्थन करना चाहिए ऐ बात उठाएं और सही समस्या का हल निकाले तो शायद आपका सम्मान बढ़ेगा और जहाँ तक बिहार की बात है नीतीश कुमार की सरकार को हिलाना इतना आसान नहीं है हिलाने में खुद उनकी समर्थन की पार्टी आरजेडी 2024 में चली गई और एनडीए मजबूत हुआ अब तो आदरणीय गृह मंत्री और नीतीश कुमार एक मंच पर देखने को मिले और नीतीश कुमार ने अपनी उपलब्धी एनडीए के पक्ष में दिखलाई अतः वहाँ महा गठबंधन में ही आपस में लड़ रहें हैं ऐसे में कांग्रेस की क़ोई चिंता क़ोई नहीं कर रहा है सब अपने अपने सीट बटोरने में जुटी है अतः पहले जमीनी हकीकत को जानने की कोशिश करें भारत जोड़ो यात्रा के कारण सीट मिली है जनता से जुड़े और देश हित में निर्णय ले। अतः विपक्षी पार्टी को देशहित में निर्णय लेना चाहिए।

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