ग्राम चौपाल में डीएम ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, निस्तारण की गुणवत्ता परखी
ग्राम चौपाल में डीएम ने सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, निस्तारण की गुणवत्ता परखी
आईजीआरएस शिकायतों के भौतिक सत्यापन के साथ लंबित प्रकरणों के शीघ्र समाधान के निर्देश
अम्बेडकरनगर , अचल वार्ता। ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को जनपद के विभिन्न विकास खंडों की चिन्हित ग्राम पंचायतों में ग्राम चौपालों का आयोजन किया गया। विकास खंड कटेहरी की ग्राम पंचायत सेमरी में आयोजित ग्राम चौपाल की अध्यक्षता जिलाधिकारी श्रीमती ईशा प्रिया ने की। जिलाधिकारी ने चौपाल में ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं और आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता का मौके पर भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने लंबित शिकायतों का शीघ्र एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम चौपाल का उद्देश्य केवल ग्रामीणों की शिकायतें सुनना नहीं, बल्कि समस्याओं का समाधान ग्राम पंचायत स्तर पर ही त्वरित, निष्पक्ष एवं संतोषजनक तरीके से कराना है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कई गांवों में अधिकारियों ने सुनीं समस्याएं
इसी क्रम में मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में विकास खंड टांडा की ग्राम पंचायत नाऊसांडा, उपजिलाधिकारी भीटी की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत काही, उपजिलाधिकारी जलालपुर की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत कुचपूरा, उपजिलाधिकारी न्यायिक जलालपुर की अध्यक्षता में ग्राम पंचायत भियांव, उपजिलाधिकारी आलापुर की अध्यक्षता में विकास खंड रामनगर की ग्राम पंचायत महुवर तथा उपजिलाधिकारी आलापुर न्यायिक की अध्यक्षता में विकास खंड जहांगीरगंज की ग्राम पंचायत देवलर में चौपाल आयोजित हुई। इसके अलावा तहसीलदार टांडा की अध्यक्षता में बिहरोजपुर, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/उपजिलाधिकारी अकबरपुर की अध्यक्षता में प्रतापपुर चमुर्खा, उपजिलाधिकारी अकबरपुर की अध्यक्षता में बेवाना तथा विकास खंड बसखारी की ग्राम पंचायत मुजाहिदपुर एवं मीढ़ी सलेमपुर समेत विभिन्न ग्राम पंचायतों में भी ग्राम चौपालों का आयोजन किया गया।
मौके पर हुई शिकायतों की जांच
चौपालों में विकास, राजस्व, विद्युत, पुलिस सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने आईजीआरएस पर दर्ज शिकायतों के अलावा मौके पर भी प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए। अधिकारियों ने संबंधित मामलों की जांच कराई और जिन शिकायतों का तत्काल समाधान संभव था, उनका मौके पर ही निस्तारण कराया गया। शेष प्रकरणों के समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की टीमें गठित कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निस्तारित मामलों का भौतिक सत्यापन भी कराया गया, ताकि कागजी कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय वास्तविक समाधान सुनिश्चित हो सके।
जमीन विवाद और राजस्व शिकायतें रहीं प्रमुख
ग्राम चौपालों में अधिकांश शिकायतें जमीनी विवाद एवं राजस्व संबंधी मामलों से जुड़ी रहीं। ऐसे मामलों में राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों तथा लेखपालों ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों की बात सुनी और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए विवादों के समाधान का प्रयास किया।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता का नियमित भौतिक सत्यापन किया जाए। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही प्रभावी समाधान मिले।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0