उत्तर प्रदेश कैबिनेट का बड़ा निर्णय : डॉ. आम्बेडकर मूर्ति विकास योजना को मिली मंजूरी
लखनऊ, अचल वार्ता। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में सामाजिक न्याय और महापुरुषों के सम्मान की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई है। प्रदेश सरकार ने डॉ. आम्बेडकर मूर्ति विकास योजना (जिसे संक्षेप में डॉ. आम्बेडकर मूर्ति विकास योजना-21 भी कहा जा रहा है) को लागू करने का निर्णय लिया है।
इस योजना का मुख्य लक्ष्य बाबा साहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर सहित उन सभी महापुरुषों और विभूतियों की प्रतिमाओं का सम्मान और रख रखाव करना है, जिन्होंने सामाजिक न्याय और समाज सुधार के लिए अपना जीवन समर्पित किया। योजना के अंतर्गत सरकारी भूमि, नगर निकायों और पंचायतों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित प्रतिमाओं को शामिल किया जाएगा। प्रतिमा स्थलों पर सुरक्षा के लिए छतरी, बाउंड्री वॉल, सौंदर्यीकरण, हरियाली और प्रकाश व्यवस्था जैसे कार्य कराए जाएंगे। प्रत्येक प्रतिमा के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक की राशि स्वीकृत की जाएगी।
प्रदेश की सभी 403 विधानसभाओं के लिए प्रति विधानसभा 1 करोड़ रुपये (कुल 403 करोड़ रुपये) का बजट प्रस्तावित किया गया है। इसका अर्थ है कि प्रत्येक विधानसभा में लगभग 10 प्रतिमाओं का कायाकल्प इसी वित्तीय वर्ष में किया जाएगा।
योजना के प्रथम चरण में उन प्रतिमाओं को लिया जा रहा है जो 31 दिसंबर 2025 तक स्थापित हो चुकी हैं। आगामी 14 अप्रैल को प्रदेश की सभी विधानसभाओं में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहाँ स्थानीय जनप्रतिनिधि (सांसद, विधायक, एमएलसी) जनता को इस योजना और चयनित स्थलों के बारे में जानकारी देंगे।
योजना में डॉ. आंबेडकर के साथ-साथ संत रविदास, संत कबीरदास, ज्योतिबा फुले और महर्षि वाल्मीकि जैसे सामाजिक न्याय के प्रणेताओं की प्रतिमाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
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