भ्रष्टाचार पर चला सरकार का डंडा, शाहाबाद और बिलग्राम के अधिशासी अधिकारी निलंबित

Jun 17, 2026 - 22:31
Jun 18, 2026 - 08:48
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भ्रष्टाचार पर चला सरकार का डंडा, शाहाबाद और बिलग्राम के अधिशासी अधिकारी निलंबित

भ्रष्टाचार पर चला सरकार का डंडा, शाहाबाद और बिलग्राम के अधिशासी अधिकारी निलंबित

लखनऊ/हरदोई। प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत स्थानीय निकाय विभाग ने हरदोई जनपद में तैनात दो अधिशासी अधिकारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों अधिकारियों पर रिश्वतखोरी और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े गंभीर आरोप लगे हैं, जिनकी विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

निदेशक स्थानीय निकाय अनुज कुमार झा ने नगर पालिका परिषद शाहाबाद में तैनात अधिशासी अधिकारी कृष्ण कुमार सोनकर को रिश्वत लेने के आरोपों के आधार पर निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई अपर जिलाधिकारी (न्यायिक)/प्रभारी अधिकारी स्थानीय निकाय हरदोई तथा नगर पालिका परिषद शाहाबाद के अध्यक्ष द्वारा उपलब्ध कराई गई रिपोर्टों के आधार पर की गई है। मामले की गहन जांच के लिए विभागीय कार्यवाही भी संस्थित कर दी गई है।

इसी क्रम में नगर पालिका परिषद बिलग्राम के अधिशासी अधिकारी नीलाव शल्या के विरुद्ध भी कड़ी कार्रवाई की गई है। उन पर एक ठेकेदार से भुगतान के बदले कथित रूप से कमीशन और रिश्वत मांगने के आरोप हैं। इस संबंध में एक वीडियो वायरल होने तथा एफआईआर दर्ज होने के बाद जिलाधिकारी हरदोई एवं अन्य अधिकारियों की आख्या शासन को भेजी गई थी। आरोपों को गंभीर मानते हुए उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के दायरे में लाया गया है।

निदेशक स्थानीय निकाय अनुज कुमार झा ने कहा कि स्थानीय निकायों में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन सुनिश्चित करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितता अथवा पद के दुरुपयोग से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई या संरक्षण स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर रुख अपनाए हुए है। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा तथा प्रमुख सचिव पी. गुरु प्रसाद द्वारा भी विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और सुचिता बनाए रखने के लिए लगातार निर्देश दिए जाते रहे हैं। इसी नीति के तहत हरदोई के दोनों मामलों में उपलब्ध तथ्यों और अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर त्वरित एवं सख्त कार्रवाई की गई है।

हरदोई जनपद में एक साथ दो अधिशासी अधिकारियों पर हुई इस कार्रवाई को स्थानीय निकायों में भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में भी इस कदम की व्यापक चर्चा है और माना जा रहा है कि इससे अन्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को भी जवाबदेही और पारदर्शिता का स्पष्ट संदेश मिलेगा।

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