30 मई तक पूरा करें पहले चरण के वेदर स्टेशन बनाने का काम : कृषि मंत्री

Apr 8, 2026 - 12:59
Apr 8, 2026 - 14:29
 0  0
30 मई तक पूरा करें पहले चरण के वेदर स्टेशन बनाने का काम : कृषि मंत्री
  • वेदर इंफॉर्मेशन एंड नेटवर्क डाटा सिस्टम (विंड्स) कार्यक्रम की प्रगति पर कृषि मंत्री ने की समीक्षा बैठक
  • प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रदेश में सुदृढ़ होगा मौसम सूचना तंत्र
  • विण्ड्स योजना के अंतर्गत प्रदेश भर में स्थापित किए जाएंगे 826 एडवांस्ड वेदर स्टेशन और 57,702 एआरजी

लखनऊ, अचल वार्ता। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत मौसम संबंधी सटीक आंकड़े प्राप्त करने के लिए वेदर इंफॉर्मेशन एंड नेटवर्क डाटा सिस्टम (विंड्स) योजना को तेजी से क्रियान्वित किया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मौसम संबंधी आंकड़ों को सीधे फसल बीमा पोर्टल से जोडऩा है, जिससे प्राकृतिक आपदा की स्थिति में किसानों को होने वाली क्षति का आकलन कर उन्हें त्वरित गति से क्षतिपूर्ति का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। राज्य में यह कार्यक्रम वर्ष 2024-25 से आगामी 5 वर्षों के लिए संचालित किया जा रहा है।
इस संबंध में प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने आज विधान भवन स्थित अपने कार्यालय में विभागीय अधिकारियों तथा स्काईमेट वेदर सर्विसेज कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने कंपनी को सख्त हिदायत दी कि वह पहले चरण के कार्य को प्रत्येक दशा में 30 मई, 2026 से पहले पूरा करना सुनिश्चित करें। इस चरण के दौरान 86 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन (एडब्ल्यूएस) तथा 11846 ऑटोमेटिक रेन गेज (एआरजी) स्थापित किए जाने हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हित में इस परियोजना में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
योजना के अंतर्गत प्रदेश के विकास खंडों और ग्राम पंचायतों में आधुनिक मौसम उपकरणों की स्थापना की जा रही है। प्रदेश में कुल 826 ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (एडब्ल्यूएस) ब्लॉक स्तर पर और 57,702 ऑटोमैटिक रेन गेज (एआरजी) ग्राम पंचायत स्तर पर स्थापित करने का लक्ष्य है। वर्तमान में क्लस्टर-1 के अंतर्गत आने वाले 39 जनपदों में स्काईमेट वेदर सर्विसेज द्वारा सर्वेक्षण का कार्य किया जा रहा है। जनपद गौतमबुद्ध नगर, लखनऊ, मेरठ और मिर्जापुर में 13 ऑटोमैटिक रेन गेज का कार्य पूर्ण भी किया जा चुका है।
विण्ड्स पोर्टल के माध्यम से संकलित इस डाटा का उपयोग सरकार आपदा प्रबंधन, कृषि एडवाइजरी और अन्य जन-कल्याणकारी योजनाओं के लिए नि:शुल्क करेगी। योजना के सफल संचालन हेतु वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश सरकार द्वारा 60 करोड़ रुपये की धनराशि का प्राविधान किया गया है। विभाग द्वारा क्लस्टर-1 में कार्यरत कंपनी को अब तक राज्यांश के रूप में 9.77 करोड़ रुपये का अग्रिम भुगतान किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, भारत सरकार द्वारा केन्द्रांश के रूप में प्राप्त 88.02 करोड़ रुपये की धनराशि भी 24 मार्च, 2026 को कंपनी को भुगतान की जा चुकी है।
समीक्षा बैठक के दौरान कृषि राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख, सचिव कृषि इंद्र विक्रम सिंह, निदेशक कृषि डॉ. पंकज त्रिपाठी तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0