अम्बेडकर नगर: बरियावन बाजार में रात का ‘बुलडोजर कांड ऑडियो ने पुलिस विभाग की नींद उड़ाई
- 20-30 साल पुरानी दुकानें रातोंरात मलबे में तब्दील, रकम देकर दुकानें गिराने का आरोप; दो हिरासत में, तीन जेसीबी पुलिस के कब्जे में
अंबेडकरनगर, अचल वार्ता। बरियावन बाजार में 20-21 सितंबर की रात ऐसा ‘बुलडोजर ऑपरेशन’ चला कि सुबह दुकानदारों की आंख खुली तो वर्षों से खड़ी उनकी दुकानें इतिहास बन चुकी थीं। बताया जा रहा है कि करीब 20 से 30 वर्ष पुरानी दुकानों को तीन जेसीबी मशीनों से रातोंरात ढहा दिया गया। सुबह बाजार में दुकानें कम और मलबा ज्यादा दिखाई दिया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने कार्रवाई आगे बढ़ाई। जांच के दौरान पुलिस के सामने रकम देकर दुकानें गिरवाने से जुड़े कुछ नाम सामने आए।
रकम किसने दी ? जांच में दो नाम आए सामने
पुलिस के मुताबिक, जांच में इंद्रजीत वर्मा और राहुल गुप्ता के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि दुकानें गिराने के लिए रकम उपलब्ध कराई गई और इसके बाद अन्य लोगों के माध्यम से जेसीबी लगाकर दुकानों को ध्वस्त कराया गया। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मामले में इस्तेमाल की गई तीनों जेसीबी मशीनों को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि मशीनों के संबंध में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
रात में ‘काम’ पूरा, सुबह दुकानदारों के सामने मलबा
बताया गया कि 20-21 सितंबर की रात जेसीबी मशीनें पहुंचीं और देखते ही देखते वर्षों पुरानी दुकानों को धराशायी कर दिया गया। रात के अंधेरे में चले इस अभियान की भनक दुकानदारों को तब लगी, जब सुबह वे मौके पर पहुंचे और अपनी दुकानों की जगह मलबा देखकर दंग रह गए। अब सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी कार्रवाई रात के अंधेरे में किसके इशारे पर हुई? किसने जेसीबी मंगवाई? रकम किसने दी और दुकानों को गिराने का अधिकार किसके पास था? पुलिस जांच इन सवालों के जवाब तलाश रही है।
भूमि विवाद ने बढ़ाया मामला
पुलिस जांच में प्रथम दृष्टया यह बात सामने आने की बात कही जा रही है कि दुकानें संबंधित भूमि पर स्थित थीं और भूमि को लेकर विवाद की स्थिति थी। हालांकि, दुकानों को गिराने की वैधानिक अनुमति और पूरी घटना में शामिल लोगों की भूमिका को लेकर जांच जारी है।
अब पुलिस की ‘बुलडोजर वाली फाइल’ खुली
घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई तेज कर दी है। दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। बरियावन में रात के अंधेरे में चला बुलडोजर भले ही दुकानों को मलबे में बदल गया हो, लेकिन अब पुलिस की जांच यह पता लगाने में जुटी है कि इस ‘बुलडोजर अभियान’ की चाबी आखिर किसके हाथ में थी।
- हरीलाल प्रजापति
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