अमेठी : सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय) से बचाव के अभियान में उत्कृष्ट कार्य पर जिला प्रशासन सम्मानित
- महामहिम राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने जिलाधिकारी संजय चौहान को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर किया सम्मानित
अमेठी, अचल वार्ता। जनपद अमेठी में बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय) जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए चलाए जा रहे एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान को बड़ी उपलब्धि मिली है। महिलाओं के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के प्रति जनपद प्रशासन की प्रतिबद्धता और एचपीवी टीकाकरण के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने जिलाधिकारी संजय चौहान को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। यह सम्मान आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या के 28वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर प्रदान किया गया।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महामहिम राज्यपाल ने जनपद अमेठी में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं के बीच सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम हेतु विशेष रुचि लेकर संचालित किए गए एचपीवी टीकाकरण अभियान की सराहना की तथा जिलाधिकारी को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके प्रयासों की प्रशंसा की।
जिलाधिकारी संजय चौहान के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा बालिकाओं और अभिभावकों को जागरूक करने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाया गया। इसके परिणामस्वरूप जनपद में अब तक 7681 बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा चुकी है। यह उपलब्धि जनपद में महिलाओं एवं किशोरियों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे सामान्य कैंसरों में से एक है, जिसका प्रमुख कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (HPV) का संक्रमण होता है। समय पर एचपीवी टीकाकरण कराने से इस बीमारी के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। यही कारण है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी किशोरावस्था में एचपीवी वैक्सीनेशन को सर्वाइकल कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हैं।
सम्मान प्राप्त करने के बाद जिलाधिकारी संजय चौहान ने मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ अंशुमान सिंह को अभियान के सफल क्रियान्वयन की बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल जिला प्रशासन का नहीं, बल्कि उन सभी अभिभावकों, स्वास्थ्य कर्मियों, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा शिक्षकों का है, जिन्होंने बालिकाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने जनपद के सभी अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि 14 से 15 वर्ष तक की सभी पात्र बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण अपने निकटतम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अथवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) पर अवश्य कराएं, ताकि भविष्य में उन्हें सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके।
जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा बालिकाओं और महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। एचपीवी टीकाकरण अभियान के माध्यम से न केवल सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम का प्रयास किया जा रहा है, बल्कि समाज में महिला स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं।
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