सुल्तानपुर: 32 साल की उम्र में 43वां रक्तदान: अखिलेश सिंह पर्वत बने युवाओं के लिए प्रेरणा
सुल्तानपुर, अचल वार्ता। जिले के एक युवा समाजसेवी ने अपने सेवा कार्यों से न केवल लोगों का ध्यान आकर्षित किया है, बल्कि युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन गए हैं। अखिलेश सिंह पर्वत ने मात्र 32 वर्ष की उम्र में अपना 43वां रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की है।
जरूरतमंद महिला की बचाई जान
जानकारी के अनुसार, जिले की एक बेसहारा महिला पूजा को तत्काल रक्त की आवश्यकता थी। महिला का हीमोग्लोबिन स्तर बेहद कम (करीब 3 ग्राम) हो गया था, जिससे उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई थी। ऐसे कठिन समय में अखिलेश सिंह पर्वत ने आगे बढ़कर रक्तदान किया और उसकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई।
‘ब्लड मैन’ के नाम से प्रसिद्ध
अखिलेश सिंह पर्वत को सुल्तानपुर में ‘ब्लड मैन’ के नाम से भी जाना जाता है। वे जन कल्याण सेवा समिति के संस्थापक हैं और इसी बैनर तले दिन-रात जरूरतमंद लोगों की सेवा में जुटे रहते हैं।
हजारों लोगों की कर चुके हैं मदद
अब तक वे न केवल 43 बार रक्तदान कर चुके हैं, बल्कि 2500 से अधिक जरूरतमंदों को रक्त उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाने में सहयोग दे चुके हैं। उनका यह समर्पण समाज के लिए एक बड़ी मिसाल है।
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत
अखिलेश सिंह पर्वत का मानना है कि “रक्तदान सबसे बड़ा दान है, इससे किसी की जिंदगी बचाई जा सकती है।” उनके इस जज्बे ने जिले के कई युवाओं को भी रक्तदान के लिए प्रेरित किया है।
समाज सेवा को अपना उद्देश्य बना चुके अखिलेश सिंह पर्वत आज उन लोगों के लिए उम्मीद की किरण हैं, जिन्हें समय पर रक्त नहीं मिल पाता। उनका यह प्रयास न केवल मानवता की मिसाल है, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।
- श्रवण शर्मा
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