क्या टेंडर निरस्त करने से कार्यवाही पूरी, फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र मिलने से ठेकेदार राम अचल ठेकेदार के ऊपर मुकदमा पंजीकृत क्यों नहीं यह अभी सवाल है
इल्तिफ़ातगंज नगर पंचायत में फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाकर टेंडर हथियाने की साजिश बेनकाब, री-टेंडर के आदेश
आखिर जब फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र का साक्ष्य मिला तो कार्यवाही अधूरी क्यों
राम अचल ठेकेदार ने नगर पंचायत जहांगीरगंज से फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र जारी तो अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने वाले और ठेकेदार पर अधूरी कार्यवाही क्यों
क्या टेंडर निरस्त करने से कार्यवाही पूरी, फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र मिलने से ठेकेदार राम अचल ठेकेदार के ऊपर मुकदमा पंजीकृत क्यों नहीं यह अभी सवाल है
अंबेडकरनगर। नगर पंचायत इल्तिफ़ातगंज में पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के तहत होने वाले निर्माण कार्यों में फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक ठेकेदार द्वारा फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र संलग्न कर टेंडर हासिल करने के मामले का खुलासा होने के बाद प्रशासन ने टेंडर प्रक्रिया को निरस्त कर दिया है और पुनः टेंडर कराने के निर्देश जारी किए हैं।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें आरोप लगाया गया कि राम अचल ठेकेदार ने नगर पंचायत जहांगीरगंज से जारी एक ऐसा अनुभव प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें कार्य की लागत ₹30.32 लाख दर्शाई गई थी। जबकि जांच में पाया गया कि उक्त कार्य की वास्तविक लागत मात्र ₹16.01 लाख थी। ठेकेदार ने गलत आंकड़े दिखाकर निविदा शर्तों की पात्रता हासिल करने की कोशिश की थी।
जांच में सही पाए गए आरोप
अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) / प्रभारी अधिकारी (स्थानीय निकाय) रंजीत कुमार द्वारा की गई जांच में शिकायत की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट के अनुसार, 03 फरवरी 2026 को आमंत्रित निविदा (संख्या-1028/(1)/न०पं०इल्ति०/ई-निविदा सू०/2025-26) की शर्तों में फर्जीवाड़ा किया गया था।
कार्रवाई की स्थिति टेंडर निरस्त 03 फरवरी 2026 को जारी निविदा प्रक्रिया को नियमों के उल्लंघन और त्रुटिपूर्ण पाए जाने पर निरस्त कर दिया गया है। री-टेंडर के निर्देश: संबंधित कार्यों के लिए नए सिरे से निविदा आमंत्रित करने का आदेश जारी किया गया है। कार्रवाई की मांग शिकायतकर्ता ने दोषी ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने, उसकी धरोहर धनराशि ज़ब्त करने तथा संबंधित अधिशासी अधिकारी व कर्मचारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता कि कार्यवाही से असंतुष्ट है और यह भी बताया की कार्रवाई अधूरी की जब अनुभव प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया तो उसे पर प्रशासनिक विभागीय कार्यवाही क्यों नहीं तय की गई सवाल यही बना हुआ । कहीं ऐसा तो नहीं उप जिला अधिकारी शशि शेखर टांडा ने मामले को दवा दिया फिलहाल यह मामला चर्चा का विषय भी बना हुआ
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