खीरी में बाल सुरक्षा को लेकर कार्यशाला, SOP अनुपालन पर जोर
लखीमपुर खीरी में AHT थाना द्वारा बाल संरक्षण और किशोर न्याय SOP के अनुपालन को लेकर कार्यशाला आयोजित, बाल विवाह व बाल अपराध रोकथाम पर विशेष जोर।
लखीमपुर खीरी , अचल वार्ता । पुलिस अधीक्षक खीरी महोदय के निर्देशन में एवं अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) महोदय की संरक्षण/अध्यक्षता एवं क्षेत्राधिकारी लाइन्स महोदय की उपस्थिति में SJPU व A.H.T.U की मासिक समीक्षा एव कार्यशाला/समन्वय गोष्ठी आहूत की गयी। जिसमें सी डब्ल्यूसी सी के एस0पी0 सिंह अभियोजन विभाग से APO विजय कुमार , BSA office से अनुभव अवस्थी, जे0०जे०बी० श्री हरे राम ,जिला बाल संरक्षण इकाई से काउंसलर कय्यूम जरवानी, वन स्टाफ सेंटर रश्मि चतुर्वेदी,विजेता गुप्ता, श्रमविभाग से अजय कुमार, चाइल्ड लाइन खीरी से विभा सक्सेना ,सुमन, मानव सेवा संस्थान से अवधेश कुमार, महेश कुमार, संगठन का वॉलेट्री एक्शन से गोला राजबहादुर,इंद्रजीत,जीआरपी लखीमपुर खीरी से उ0नि0 विनोद कुमार लखीमपुर खीरी से समस्त बाल कल्याण अधिकारी अन्य विभागों के अधिकारीगण शामिल हुए जिसमें पूर्व में जारी किए गए कार्यवृत् का अनुपालन के संबंध में चर्चा की गई। तथा किशोर न्याय समिति माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा जारी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (sop) किशोर न्याय बोर्ड तथा संप्रेक्षण गृहो के मध्य आदेशों के संप्रेषण की प्रक्रिया और अधिक सुदृढ किये जाने तथा संप्रेषण ग्रहो मैं आवासित किशोरों के आयु निर्धारण ,जमानत स्वीकृत किये जाने /अस्वीकृत किए जाने सम्बन्धी आदेश,संचार प्रोटोकॉल आदि की प्रक्रिया के अनुपालन में सभी को पढकर सुनाया गया और 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह ना हो इसलिए उपस्थित सभी बाल कल्याण पलिस अधिकारी कड़ाई से पालन करने के लिए कहा गया, थानों पर नियुक्त बाल कल्याण पुलिस अधिकारी के समक्ष आ रही समस्या, एवं सुझाव पीड़ितों के अश्वासन, बाल गुमशुदा, बाल श्रम, नशा मुक्त अभियान, बाल विवाह, बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम, लैंगिक समानता, नारी शक्ति किशोर न्याय अधिनियम 2015 मे हुए नवीनतम संशोधन पोस्को को एक्ट के अभियोग पंजीकृत होने के 24 घंटे के अंदर सीडब्ल्यूसी को सूचित करना, पॉस्को के मामले में फार्म ए व बी पुलिस द्वारा भरकर संबंधित को समय से भेजा जाना बाल कल्याण अधिकारी के कर्तव्य का पालन, जे.जे एक्ट के अंतर्गत सामाजिक पृष्ठभूमि, किशोर न्याय बोर्ड में पुलिस अधिकारियों रिमांड लेने हेतु सादे वस्त्रों में आने जे.जे एक्ट की धारा 24 आदि तथा पोक्सो एक्ट से संबंधित अभियुक्तों की माननीय उच्च न्यायालय से प्राप्त बेल नोटिस को बाल कल्याण समिति एवं वादी /पीड़िता को अंदर समय उपलब्ध कराना के संबंध में विस्तृत रूप से चर्चा की गई |
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