जालोर: राम रसोड़ा समापन , संतों के सान्निध्य, भक्तिमय भजनों और सेवा कार्यों से गूंजा वातावरण
अचल वार्ता,जालोर। शहर के सूरजपोल स्थित श्री सारणेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित राम रसोड़ा सेवा कार्यक्रम का समापन गुरुवार को अत्यंत भव्य रूप से हुआ। इस अवसर पर देर रात तक भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भक्ति में सराबोर कर दिया। सेवा और भक्ति का अनूठा संगम मुन्ना महाराज ने बताया कि यह सेवा कार्यक्रम प्रतिवर्ष रामदेवरा पदयात्रियों के लिए आयोजित किया जाता है। इसमें यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पानी, चाय और ठहरने की निःशुल्क व्यवस्था कराई जाती है। इस बार भी हजारों श्रद्धालु और यात्री इस सेवा से लाभान्वित हुए।
संत समाज का सान्निध्य और स्वागत
कार्यक्रम में संत समाज का विशेष सान्निध्य रहा। श्री श्री 1008 मोहन नाथ महाराज , श्री श्री 1008 गोविंद नाथ महाराज , श्री श्री 1008 सोमपुरी महाराज, श्री श्री 1008 पवनपूरी महाराज, श्री श्री 1008 दरिया नाथ महाराज सभी संतों का मुन्ना महाराज ने माल्यार्पण कर स्वागत किया और आशीर्वाद प्राप्त किया।
गणमान्यजन एवं समाजसेवियों की उपस्थिति
समापन समारोह में पूर्व राजस्थान जन अभाव अभियोग निराकरण समिति अध्यक्ष पुखराज पाराशर, NSUI जिला अध्यक्ष सुष्मिता गर्ग, पुलिस थाना एएसआई दानाराम, नर्सिंग पुरुषोत्तम , तरुण त्रिवेदी, दरिया महाराज सहित कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रही। इसके साथ ही समाज के सक्रिय कार्यकर्ताओं और श्रद्धालुओं — मनोहर माली, कमलेश वैष्णव, केशव कुमार, रणजीत कुमार, मुकेश कुमार, रवि कुमार, गोविंद गर्ग, मीना देवी, डिम्पल वैष्णव, सलोनी वैष्णव, दुर्गा वैष्णव, समाराम मीना, देवाराम मीना , श्रवण कुमार ओड़ ने भी आयोजन को सफल बनाने में अपनी भागीदारी निभाई।
भजन संध्या में गूंजे भक्तिमय स्वर
भजन संध्या में कलाकारों ने सुरमयी प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। “गुरु देव के चरणों में जाऊं रे” मदन मीणा और सुखदेव सेन ,
“खम्मा-खम्मा हो रामा, रूनिचे रा धनिया थाने तो ध्यावे, आखो मारवाड़ हो, आखो गुजरात हो अजमाल्जी रा कवरा...” मीना परमारऔर प्रकाश कुमार
साथ ही अन्य कलाकारों ने भी भजनों की प्रस्तुतियां दीं और नृत्य कलाकारों ने अपने प्रदर्शन से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। देर रात तक भक्तगण भजनों पर झूमते रहे और भक्ति में लीन रहे। कार्यक्रम का समापन
भक्तिमय माहौल में अंत में सामूहिक आरती हुई, जिसमें श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान रामदेव जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। राम रसोड़ा समापन समारोह न केवल भक्ति और आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि यह सामाजिक सेवा, संत परंपरा और सामूहिक एकता की प्रेरणादायी मिसाल बनकर सामने आया।
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