हरिद्वार : साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

Jun 12, 2026 - 09:57
Jun 12, 2026 - 15:33
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हरिद्वार : साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

हरिद्वार,अचल वार्ता। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार के निर्देशन में जनपद में साइबर अपराधियों एवं ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली लक्सर पुलिस, सीआईयू रुड़की एवं साइबर सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी की धनराशि को ठिकाने लगाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। सीएससी सेंटर और पेट्रोल पंप खातों को म्यूल अकाउंट बनाकर साइबर ठगी की रकम खपाने वाले 
  सहारनपुर निवासी अंकित चौहान पुत्र मुल्तान सिंह व विशाल चौहान पुत्र पवन सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया। 
  जांच में सामने आया कि हिरासत में लिये गये आरोपियों ने अपने साथियों को विभिन्न सीएससी सेंटरों एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के QR कोड और स्कैनर कोड उपलब्ध कराते थे। साइबर ठगी के लिए विशेष रूप से तैयार एपीके फाइलों एवं अन्य ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल कर आम लोगों को निशाना बनाया जाता था।
 धोखाधड़ी से प्राप्त धनराशि सीधे सीएससी सेंटर संचालकों के बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जाती थी, जिससे धन के वास्तविक स्रोत को छिपाया जा सके और जांच एजेंसियों को गुमराह किया जा सके।
  गिरोह के सदस्य सीएससी संचालकों से नकद रकम प्राप्त कर विभिन्न कैश डिपाजिट मशीन के माध्यम से अपने साथियों द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खातों में धन जमा कर देते थे। इस प्रक्रिया से साइबर ठगी की रकम की लेयरिंग कर उसकी वास्तविक ट्रेल को तोड़ दिया जाता था।
  आरोपी ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर भोले-भाले लोगों को भावनात्मक कहानियां सुनाकर अपने जाल में फंसाते थे और उनसे नकद धनराशि प्राप्त कर लेते थे।
  10 जून 2026 को ग्राम दाबकी कला निवासी मनीष कुमार एवं सुशील कुमार द्वारा कोतवाली लक्सर में शिकायत दर्ज कराई गई कि कुछ व्यक्तियों ने वाहन चालान और गंभीर बीमारी (कैंसर) का बहाना बनाकर उनसे 91 हजार व 80 हजार रूपए नकद लिए तथा उनके खातों में संदिग्ध माध्यम से धनराशि जमा कराई।
बाद में जब उनके बैंक खाते फ्रीज हुए, तब उन्हें अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ।
  मामले की गंभीरता को देखते हुए लक्सर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों एवं एसओजी व सीआईयू की सहायता से संदिग्धों की पहचान की। जांच के दौरान आरोपियों द्वारा उपयोग किए गए मोबाइल फोन की व्हाट्सएप चैट से विभिन्न व्यक्तियों के QR स्कैनर एवं स्क्रीनशॉट बरामद हुए, जिनका मिलान वादियों द्वारा उपलब्ध कराई गई सीसीटीवी फुटेज से किया गया।
  11 जून 2026 को पुलिस टीम ने घटना में शामिल दो आरोपियों को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना अपराध स्वीकार किया। आरोपियों के कब्जे से कुल 1 लाख 48 हजार रुपए नकद तथा घटना में प्रयुक्त पोको ब्लू मोबाइल फोन बरामद किया गया है।
  आरोपियों के विरुध्द नियमानुसार विधिक कार्यवाही की जा रही है, नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
  हरिद्वार पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर अपने बैंक खाते, QR कोड या वित्तीय संसाधनों का उपयोग न करने दें। 
  संदिग्ध ऑनलाइन लेनदेन अथवा साइबर धोखाधड़ी की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 अथवा नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें।

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